राष्ट्रीय स्तर पर जांच में यूपी की हिस्सेदारी 15 फीसदी: सीएम योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च क्षमता की टेस्टिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग क्षमता बढ़ने से संक्रमण को रोकने में भी मदद मिलेगी। राष्ट्रीय स्तर पर कोविड-19 की जांच में यूपी की हिस्सेदारी 15 फीसदी हो गई है। उन्होंने इसे 20 प्रतिशत करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोविड-19 की टेस्टिंग के लिए आईसीएमआर की तीन उच्च क्षमता की टेस्टिंग लैब के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोकार्पण के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में टेस्टिंग क्षमता तेजी से बढ़ी है। 23 मार्च को राज्य में 72 टेस्ट हुए थे और 26 जुलाई को 1.06 लाख टेस्ट किए गए हैं।
राज्य में आरटीपीसीआर, ट्रू-नेट मशीन तथा रैपिड एंटीजन किट के माध्यम से टेस्ट किए जा रहे हैं। आरटीपीसीआर के माध्यम से राज्य में प्रतिदिन 40 हजार से अधिक टेस्ट हो रहे हैं। रैपिड एंटीजन किट के माध्यम से प्रतिदिन 56 हजार टेस्ट हो रहे हैं। इन्हें बढ़ाकर प्रतिदिन 1 लाख किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
कोविड केयर फंड से बना रहे लैब
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में कोविड-19 के नियंत्रण के लिए लागू की गई प्रणाली को यूपी में भी लागू किया गया है। सीएम योगी ने कहा कि कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक संस्थाओं में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कराई गई है। डोर-टू-डोर सर्वे कराया जा रहा है।
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड केयर फंड की स्थापना की है। इसके माध्यम से प्रत्येक मेडिकल कॉलेज तथा मंडल मुख्यालय में आरटीपीसीआर लैब स्थापित की जा रही है। इस फंड के माध्यम से केजीएमयू व एसजीपीजीआई लखनऊ तथा बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर के लिए तीन अन्य कोबास मशीन खरीदी गई हैं। इससे टेस्टिंग क्षमता बढ़ेगी।