मोदी के 'न्यू इंडिया' एजेंडे पर फोकस करेगी योगी सरकार, विभागों को एक्शन प्लान बनाने का निर्देश
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योगी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘नया भारत- 2022’ का संकल्प साकार कर अगले पांच वर्षों में गरीबी, गंदगी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद और सांप्रदायिकता से मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सरकार ने नीति आयोग की ओर से पेश ‘नया भारत-2022’ योजना को प्रदेश में लागू करने के लिए सभी विभागों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
नीति आयोग की ओर से 12 अक्तूबर को राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में ‘नया भारत- 2022’ का प्रजेंटेशन दिया गया था। सभी ने इसकी सराहना की थी।
आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने पिछले दिनों लखनऊ प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नए भारत का यह एजेंडा सौंपा था। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस पर काम शुरू हो गया है।
राज्य योजना आयोग ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को संकल्प-पत्र भेजते हुए इसके लिए कार्ययोजना बनाने को कहा है। विभागों को अपनी नीतियां, योजनाएं व कार्यक्रम बनाते समय इन लक्ष्यों को केंद्र में रखना होगा। नए भारत के लक्ष्य के हिसाब से नए यूपी का काम तेजी से करने को कहा गया है।
यह हैं संकल्प की खास बातें
प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाना, किसानों को लाभ पहुंचाना
2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के साथ ही खेती को जोखिम मुक्त बनाया जाएगा। योगी सरकार ने इस दिशा में कर्ज माफी, ब्याज मुक्त फसली ऋण, समर्थन मूल्य पर गेहूं व धान की खरीद, गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सहित अन्य योजनाएं लागू की हैं। स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं।
समावेशी विकास के तहत अंत्योदय को प्रभावी बनाकर गांव व मजरे में अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। 2022 तक कुषोपण से मुक्ति दिलाने का लक्ष्य भी है। शिक्षा और कौशल विकास के लिए उच्च शिक्षा के विश्वस्तरीय संस्थान खोले जाएंगे। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को प्रभावी बनाकर लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाया जाएगा। 2019 तक सभी गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जोड़ा जाएगा।
उड़ान योजना में रीजनल कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी। योगी सरकार ने प्रदेश के छह प्रमुख शहरों को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने की योजना बनाई है। प्रदेश के गांवों को ब्राडबैंड से जोड़ा जाएगा। 2022 तक सभी शहरी व ग्रामीण गरीबों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण में अब तक 11 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना में 2019 तक सभी गांवों को बिजली दी जाएगी। वंचित परिवारों को बिजली कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है।
गंदगी मुक्त प्रदेश की ओर कदम, दिसंबर 2018 तक काम पूरा करने का मकसद
वैसे तो 2 अक्तूबर 2019 तक प्रदेश को खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य है लेकिन सरकार ने दिसंबर 2018 तक ही यह काम पूरा करने की ठानी है। नमामि गंगे के तहत गंगा सफाई योजना को पूरा करने और अन्य नदियों की सफाई का लक्ष्य दिया गया है। गंगा किनारे स्थित गांवों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा रहा है। प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही 2022 तक विद्युत व बैटरी चालित वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग
प्रदेश में प्रभावी ढंग से जीएसटी लागू करने के साथ ही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम (डीबीटी) और ई- गवर्नेंस योजना लागू की जाएगी। योगी सरकार ने ई- टेंडरिंग, ई- मार्केट, ई- ऑफिस व ई- फाइलिंग लागू कर दी है। इससे कामों में पारदर्शिता रहेगी और भ्रष्टाचार कम होगा।
आतंकवाद व जातिवाद से मुक्त प्रदेश बनाना
पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के लिए अम्ब्रेला योजना लागू की जाएगी। सीमा पर और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा ताकि आतंकी वारदातें रोकी जा सकें। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्र्गों में गरीबी कम करना व साक्षरता को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्र्राम योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में दलित व पिछड़े वर्ग के गांवों को सड़क से जोड़ा जाएगा। दलित छात्रों को शिक्षा में प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में चयनित सभी गांवों को 2022 तक आदर्श गांव का दर्जा दिया जाएगा।
सांप्रदायिकता का खात्मा होगा
दस वर्षों के लिए सभी सांप्रदायिक गतिविधियों पर पाबंदी लगाई जाएगी। तनाव मुक्त समाज की ओर आगे बढ़ने का प्रयास होगा। इसके अलावा नई मंजिल, नई रोशनी, स्टैंड अप इंडिया, बेगम हजरत महल, छात्रवृत्ति, सीखो और कमाओ, पढ़ो परदेस, प्रोग्रेस पंचायत और हुनर हाट योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प पूरा किया जाएगा।