1186 अनुपयोगी कानून खत्म करेगी योगी सरकार, राय देने से बच रहे अफसर नहीं दे रहे जवाब
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योगी सरकार 1186 अनुपयोगी व अप्रासंगिक कानूनों को खत्म करने जा रही है। अब तक 134 कानूनों को खत्म करने पर विभागों में सहमति बन चुकी है। बाकी के बारे में राय देने पर विभागों ने चुप्पी साध ली है।
जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने रामानुजम समिति व केंद्रीय विधि आयोग की संस्तुतियों के आधार पर यूपी में अप्रचलित व अनुपयोगी हो चुके 20 अधिनियमों को समाप्त करने की संस्तुति की है। इसके अलावा योगी सरकार में गठित राज्य विधि आयोग ने 1166 अप्रचलित व अनुपयोगी अधिनियमों को समाप्त करने की सिफारिश की है।
शासन के विधायी विभाग ने संबंधित विभागों से इस बाबत सहमति मांगी है। मगर विभागों से सहमति देने की कार्रवाई बहुत धीमी है। केंद्र सरकार की ओर से संस्तुत केवल तीन अधिनियमों को समाप्त करने की सहमति विभागों ने दी है। इसी तरह राज्य विधि आयोग की संस्तुति वाले कानूनों में से 134 पर ही सहमति मिल पाई है। बाकी के बारे में विभाग मौन हैं। जिन कानूनों को खत्म करने पर सहमति मिली है उनमें वित्त विभाग से जुड़े कुछ कानून निरस्त किए जा चुके हैं।
विभागीय प्रमुखों को तत्काल सूचना देने के निर्देश
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा है कि जिन विभागों ने अनुपयोगी कानूनों को खत्म करने की अब तक सूचना नहीं दी है, वे पूरी तरह विचार कर अपनी अनापत्ति या जो भी विचार हों, उससे विधायी विभाग को तत्काल अवगत करा दें। जिन कानूनों को खत्म किया जाना होगा, उनके बारे में विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। प्रमुख सचिव विधायी मुख्य सचिव को इस संबंध में जानकारी देंगे।