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नई जनसंख्या नीति: अगले 10 साल में बाल लिंगानुपात 919 करने की तैयारी, अल्ट्रासाउंड संचालन की गाइडलाइन में होगा बदलाव
Tue, 13 Jul 2021 11:52 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 13 Jul 2021 11:52 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में प्रदेश में बाल लिंगानुपात 899 है। इसे वर्ष 2026 तक बढ़ाकर 905 किया जाएगा। बाद में वर्ष 2030 तक 919 करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बाल विवाह रोकने के लिए हर स्तर पर कदम उठाए जाएंगे।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में 10 साल के अंदर बाल लिंगानुपात 919 करने की तैयारी है। इसके लिए जागरूकता से लेकर अल्ट्रासाउंड संचालन तक की गाइडलाइन में परिवर्तन किया जाएगा। नई जनसंख्या नीति में इसकी घोषणा की गई है।
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वर्तमान में प्रदेश में बाल लिंगानुपात 899 है। इसे वर्ष 2026 तक बढ़ाकर 905 किया जाएगा। बाद में वर्ष 2030 तक 919 करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बाल विवाह रोकने के लिए हर स्तर पर कदम उठाए जाएंगे। जिन समुदायों, संवर्गों व भौगोलिक क्षेत्रों में प्रजनन दर अधिक है, उसमें जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वहीं, जिन समुदायों में पुत्र प्राप्ति को वरीयता देने का रिवाज है। उनके लिए अलग से अभियान चलाया जाएगा।
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नई जनसंख्या नीति में यह व्यवस्था बनाई गई है कि प्रसव पूर्व निदान तकनीक (विनियमन और दुरुपयोग) अधिनियम के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए ऑनलाइन निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। इससे प्रदेश में कहीं भी होने वाली सोनोग्राफी की मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
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परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. लिली सिंह ने बताया कि नए प्रावधानों से प्रसव पूर्व लिंग जांच की प्रवृत्ति में कमी आएगी। इससे लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकेगा। हालांकि जागरूकता बढ़ने से पहले की अपेक्षा हर साल लिंग जांच कराने के मामलों में कमी आ रही है।