कमिश्नर सिस्टम लागू होने पर डीजीपी का बड़ा बयान, ‘डायल 112’ में पुलिसकर्मियों का किया सम्मान
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यूपी डीजीपी ओ पी सिंह ने लखनऊ व नोएडा में कमिश्नर प्रणाली लागू करने पर कहा कि हम कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। ये सरकार का फैसला है और इस पर सरकार ही निर्णय लेगी। दरअसल बृहस्पतिवार को किए गए तबादलों में लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी को गाजियाबाद का एसएसपी बनाया गया है। वहीं, नोएडा के एसएसपी को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन उनकी जगह किसी को तैनाती नहीं दी गई है। ऐसे में कहा जा रहा है कि जल्द ही यह प्रणाली लागू हो सकती है।
बृहस्पतिवार देर रात तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी ओम प्रकाश सिंह और अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी के साथ मंथन किया। सूत्रों का कहना है कि सीएम इस व्यवस्था को लागू करने को तैयार हैं। सबकुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द इसका प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में लाया जाएगा या फिर बाई सर्कुलर के जरिए इसे लागू किया जा सकता है।
डीजीपी ने कहा कि हम स्मार्ट पुलिसिंग के लिए काम कर रहे हैं। वह शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। डीजीपी ने कहा कि पुलिस प्रणाली में पिछले कुछ समय में काफी सुधार हुआ है। हमारी आपातकालीन सेवा 112 विश्वस्तरीय है। इससे अब तक दो लाख 69 हजार लोग जुड़ चुके हैं।
हमने रेलवे और एंबुलेंस के साथ भी सेवा का समन्वय किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं। 1090 को 112 के साथ जोड़ा है। कुंभ और चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई यह बेहतर पुलिसिंग का ही प्रमाण है।
आने वाले समय में प्रदेश की पुलिस को प्रोफेशनल की तरह काम करना होगा
इसके पहले प्रदेश की ‘डायल 112’ के तीसरे स्थापना दिवस पर डीजीपी ने कहा कि यूपी पुलिस अब ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ की ओर आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में प्रदेश की पुलिस को प्रोफेशनल की तरह काम करना होगा। पुलिस के रहन-सहन, बोल-चाल, आम लोगों से व्यवहार और ड्यूटी में भी ‘स्मार्टनेस’ लाने पर काम हो रहा है। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की 23 करोड़ जनता को तत्काल पुलिस की मदद पहुंचाने में ‘डायल 112’ सशक्त भूमिका निभा रही है। इस सेवा से जुड़े पुलिस के जवानों ने लगन और उत्साह के साथ जहां जनता की सुरक्षा की, वहीं यूपी-112 को संसाधनों से लैस किया गया है। इसका नतीजा है कि इस सेवा का रिस्पांस टाइम 13.33 मिनट से घटकर 11.54 मिनट तक पहुंच गया है। बीते तीन साल में ‘डायल 112’ ने जहां अपनी ‘विजिबिलिटी’ को बढ़ाया है, वहीं ‘रिस्पांस टाइम’ को घटाने में सफल रही है। ‘डायल-112’ का अगला कदम अपना ‘कवरेज’ बढ़ाने को लेकर है। आने वाले समय में कई तरह की सुविधाओं को इस सेवा से जोड़ा जाएगा।
दो लोगों को ‘सिटीजन कॉलर ऑफ द ईयर’, आठ पुलिसकर्मी सम्मानित
डीजीपी ने बच्चा चोरी की शंका में भीड़ द्वारा एक मंदबुद्धि महिला के संबंध में ‘डायल 112’ को तत्काल सूचना देने वाले नोएडा के राघवेंद्र सिंह यादव और बच्चे के साथ ट्रेन से कटने पहुंची एक महिला की जान बचाने वाले कानपुर के दिनेश कुमार को ‘सिटीजन कॉलर ऑफ द ईयर’ से सम्मानित किया। उन्होंने विभिन्न जिलों में तैनात ‘डायल 112’ के आठ पुलिसकर्मियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इनमें निरीक्षक गिरीशचंद्र शर्मा (मुजफ्फरनगर), प्रमेश कुमार सिंह (मऊ) व कपिल गौतम (शामली), पीआरवी कमांडर राजेन्द्र सिंह, तेजपाल सिंह व रजनीश चौधरी (नोएडा), अरविंद प्रताप सिंह (मथुरा) व सत्य प्रकाश शर्मा (बागपत) शामिल हैं।
गिनाईं उपलब्धियां
डीजीपी ने कहा कि ‘डायल 112’ की बेहतरीन सेवा के लिए हाल ही दुबई में आयोजित कार्यक्रम में तीसरा पुरस्कार मिला है। इनोवेशन के लिए लीडरशिप अवॉर्ड के साथ ही इसने ई-गवर्नेंस अवॉर्ड में नौवां स्थान हासिल किया है। डीजीपी ने ‘डायल 112’ की वार्षिक रिपोर्ट पर आधारित पत्रिका ‘तेजस’ का भी विमोचन किया। ‘डायल 112’ के अपर पुलिस महानिदेशक असीम अरुण ने कहा कि इसे अन्य संबंधित संस्थाओं से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। एक्सप्रेस-वे, स्मार्ट सिटी और फील्ड में सीसीटीवी के जरिए प्रभावी व्यवस्था बनाने पर भी काम हो रहा है।