यूपी सरकार का बड़ा फैसला, मेडिकल टेस्ट के लिए NEET को मंजूरी
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यूपी भी नेशनल एलिजबिलिटी इंट्रेस टेस्ट (नीट) के साथ जाएगा। प्रदेश अपनी कंबाइंड प्री मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी) नहीं कराएगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को इसकी मंजूरी दे दी।
इसी के साथ एमबीबीएस व बीडीएस में प्रवेश लेने के लिए छात्र-छात्राएं भी उहापोह की स्थिति से निकल आए। अब वो 24 जुलाई को होने वाली नीट की दूसरे फेज की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। पहले फेज की परीक्षा 1 मई को हुई थी। इसके बाद से ही नीट को लेकर खींचतान चल रही थी।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अनूप चंद्र पांडेय ने बताया कि नेशनल एलिजबिलिटी इंट्रेंस टेस्ट (राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा) से ही प्रदेश के मेडिकल में प्रवेश दिए जाएंगे।
इससे एमबीबीएस व बीडीएस करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को देश भर के कॉलेजों में भी प्रवेश का मौका मिल सकेगा। उन्हें सभी परीक्षाओं के अलग-अलग फार्म नहीं भरने पड़ेंगे।
...इन छात्र-छात्राओं को नहीं माना जाएगा 1 मई की परीक्षा में शामिल
जो छात्र-छात्राएं फर्स्ट फेज में 1 मई को हुई परीक्षा दे चुके हैं वो 24 जुलाई को होने वाली सेकेंड फेज की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। लेकिन उन्हें फर्स्ट फेज की परीक्षा में शामिल नहीं माना जाएगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देश भर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की 52 हजार सीटों पर प्रवेश के लिए नीट परीक्षा कराने का फैसला किया था।
इसके विरोध में लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए थे लेकिन अध्यादेश लाकर इसे देश भर में लागू कर दिया गया। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद राज्य सरकारों को एक साल की छूट दी गई कि वो 2016-17 में अपनी प्रवेश परीक्षा करा लें। 2017-18 में उन्हें नीट में ही शामिल होना होगा।
कई राज्यों ने नीट से ही अपने मेडिकल कॉलजों में प्रवेश लेने की मंजूरी दे दी थी। इसमें अब यूपी भी शामिल हो गया है। पहले चरण में देश भर से 6.5 लाख अभ्यर्थी नीट में शामिल हो चुके हैं।