हर उपभोक्ता के यहां लगेगा बिजली मीटर, पर गरीबों के लिए नहीं बढ़ेंगे दाम: योगी के मंत्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा खुद को बिजली विभाग का प्रताड़ित उपभोक्ता मानते हैं। कहते हैं, अपने घर का और ट्यूबवेल का कनेक्शन लेने में जितने पापड़ बेलने पड़े, उससे विभाग की कार्यशैली समझ आ गई। अब उसे ही ठीक करने में लगा हूं। श्रीकांत शर्मा ने ‘अमर उजाला संवाद’ कार्यक्रम में बड़े ही बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। साफ किया कि उन्हें विभाग वेंटीलेटर पर मिला था। पटरी पर ले आए हैं और इसे दौड़ने में थोड़ा वक्त लगेगा।
पिछले 15 सालों में यूपी में राज करने वाले नेताओं ने सिर्फ अपनी संपत्ति बढ़ाई, पॉवर ग्रिड की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया। अधिकारियों-कर्मचारियों से साफ कह दिया गया है कि बेहतर काम करने और सुधरने के लिए छह महीने मौका दे दिया, अब नापने का काम करेंगे। उन्होंने कहा गरीबों की बिजली दरें नहीं बढ़ेंगी।
सवाल : बाजार में सस्ती बिजली उपलब्ध होने पर भी सरकार महंगी दरों पर खरीद का करार क्यों करती है?
जवाब: हमने छह महीने में महंगी खरीद के प्रस्ताव रद्द किए। जहां से सस्ती बिजली मिलेगी, वहीं से खरीदेंगे। भविष्य में भी इस बाबत होने वाले एमओयू में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।
सवाल : लाइन लॉस बहुत ज्यादा है, जिसकी मार ईमानदार उपभोक्ताओं पर पड़ती है?
जवाब: बिजली चोरी के कारण लाइन लॉस ज्यादा दिखाया जाता है। हम जहां आपूर्ति के घंटे और गुणवत्ता को सुधार रहे हैं, वहीं बिजली चोरी रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठा रहे हैं। इसके लिए अवर अभियंताओं के अधिकारों में भी वृद्धि करेंगे। फीडर पर भी मीटर लाएंगे, ताकि पता चल सके कि उससे जुड़े उपभोक्ताओं को कितने यूनिट बिजली दी गई।
सवाल : बिजली चोरी में तो विभागीय लोग ही शामिल रहते हैं?
जवाब: आपकी यह बात सही है। अब अगर विभागीय कर्मचारी या अधिकारी इसमें लिप्त पाए जाएंगे तो गंभीर परिणाम भी भुगतेंगे।
ठेके या संविदा पर रखे गए कर्मियों को नियमित करने की योजना
सवाल: कर्मचारी बेहद कम है। ठेके या संविदा पर रखे गए कर्मियों को नियमित करने की क्या योजना है?
जवाब: सरकार अधिक से अधिक कर्मचारियों की भर्ती के लिए यथासंभव प्रयास कर रही है। ठेके पर रखे गए कर्मचारियों के सीधे खातों में राशि भेजने का निर्णय भी लिया गया है। विरासत में हमें अनेक समस्याएं मिली हैं, जो चरणबद्ध ढंग से ही हल होंगी।
सवाल: विभागीय कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए क्या कर रहे हैं?
जवाब: बिल, कनेक्शन और लोड बढ़ाने संबंधी कार्यों को ऑनलाइन कर रहे हैं। अर्जियों का ट्रैकिंग सिस्टम भी शुरू कर रहे हैं। टोल फ्री नंबर 1912 पर भी उपभोक्ता अपनी दिक्कतों को रख सकते हैं।
सवाल : विभागीय कर्मचारी ही मीटर रीडिंग ले तो रेवेन्यू बढ़ाया जा सकता है?
जवाब: उपयोगी सुझाव है। गलत बिल जाने की शिकायतें हजारों की तादाद में आ रही हैं। मीटर रीडिंग का काम विभागीय कर्मचारियों से ही कराने का फैसला ले लिया है। बिलों में गड़बड़ियां होने पर जवाबदेही भी तय की जाएगी।
सवाल: पुराने तारों का मकड़जाल है, ट्रांसफॉर्मर जर्जर हैं। उपकेंद्र भी बढ़ाने की जरूरत है?
जवाब: शहरों में अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम कर रहे हैं। 76 हजार मजरों तक रोशनी पहुंचाई है। 84 लाख नए उपभोक्ता बनाए हैं। ट्रांसफार्मर अपग्रेड किए हैं। उपकेंद्र भी बना रहे हैं। ग्रिड की भी क्षमता वृद्धि कर रहे हैं। वर्ष 2019 तक ‘पॉवर टू ऑल’ का नारा साकार करके दिखाएंगे।
बिजली का दाम बढ़ाने का प्रस्ताव क्यों भेजा
सवाल: भाजपा ने सस्ती बिजली का वादा किया था। पॉवर कॉर्पोरेशन ने ग्रामीणों और किसानों को दी जाने वाली बिजली का भी दाम बढ़ाने का प्रस्ताव नियामक आयोग को भेजा है।
जवाब: वादा कर रहा हूं कि गरीब परिवारों को दी जाने वाली बिजली के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। हां, एक सीमा से अधिक बिजली का इस्तेमाल करने वालों को ज्यादा बिल देना होगा।
सवाल: विभाग में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं?
जवाब: 15 साल से प्रदेश में चल रहा था- ‘सुधर जाओ, जो है हमें दे जाओ।’ ऊपरी स्तर से व्यवस्था सुधारने का काम कर रहे हैं। साफ कह दिया है कि बिजलीघरों पर आने वाला उपभोक्ता ईमानदार होता है, उसका सम्मान किया जाए। ट्रांसफर-पोस्टिंग और नियुक्ति में पारदर्शिता ला रहे हैं। भ्रष्टाचार रोकने के लिए अधिकाधिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को विभाग के किसी कर्मचारी से बात करने की जरूरत ही नहीं है। प्रत्येक काम ऑनलाइन करें।
सवाल: क्या इन्कम टैक्स की तरह ही ट्रस्ट बिलिंग भी शुरू करने की योजना है?
जवाब: हां, इस पर हम गंभीरता से काम कर रहे हैं। लोग खुद मीटर का स्क्रीन शॉट लेकर बिल जमा कर सकेंगे। हालांकि, ट्रस्ट बिलिंग में गड़बड़ियां मिलने पर उपभोक्ता पर पेनाल्टी भी लगाई जाएगी।
सवाल : तमाम दावों के बावजूद बिजली कटौती बदस्तूर जारी है?
जवाब: हमें विरासत में जर्जर व्यवस्था मिली है। सितंबर माह में ही अब पिछले साल के मुकाबले 7 गुना ज्यादा बिजली आपूर्ति दी। अचानक तकनीकी खामी आने से कुछ मशीनों से उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इसलिए आपूर्ति कम हुई है। 15 अक्टूबर तक सुधार आ जाएगा। पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करने में हमें दो साल का वक्त लगेगा।
बिजली कटौती की कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाती
सवाल: बिजली कटौती की कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाती?
जवाब: रिपेयर वर्क के लिए कटौती अनिवार्य है। उपभोक्ताओं को एसएमएस से पूर्व सूचना देने की व्यवस्था कर रहे हैं।
सवाल: वसूली या चेकिंग के लिए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए?
जवाब : बिजली चोरी रोकना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। चेकिंग टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ रासुका और गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। छह महीने में चेकिंग के दौरान विभागीय टीम पर हमले होने की घटनाओं में काफी कमी आई है। रही बात इंजीनियरों को मजिस्ट्रेटी पॉवर देने की बात तो उस दिशा में भी सोच रहे हैं।