कुपोषण भगाने के लिए कार्ययोजना को योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी, किया 80 करोड़ का प्रावधान
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उत्तर प्रदेश में राज्य पोषण मिशन अब राष्ट्रीय पोषण मिशन के अंग के तौर पर काम करेगा। इस संबंध में लाए गए प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई। इसके तहत बच्चों में कुपोषण और किशोरियों में एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस मद में राज्य सरकार ने 80.51 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि पोषण अभियान के तहत 0-6 वर्ष तक के बच्चों में प्रति वर्ष 2 फीसदी की दर से बौनापन की समस्या कम करने का काम होगा। इसी तरह से 0-6 वर्ष तक के बच्चों में कम वजन की समस्या में 2 फीसदी, 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों में एनीमिया में 3 फीसदी और जन्म के समय कम वजन की समस्या में 2 प्रतिशत की दर से कमी लाने का फैसला किया गया है। इसमें प्रशिक्षण और क्षमता वृद्धि, कम्युनिटी मोबिलाइजेशन एंड बिहेवियर चेंज कम्युनिकेशन, इनोवेशन, परफॉर्मेंस इन्सेंटिव और फ्लैक्सी कार्य शामिल हैं।
पुलिस आरक्षी व मुख्य आरक्षी सेवा नियमावली में संशोधन
पुलिसकर्मियों की वैवाहिक स्थिति से संबंधित पुलिस नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। संशोधन के मुताबिक कोई पुरुष या महिला कर्मी जिसने किसी ऐसे व्यक्ति या महिला से विवाह किया है जिसका पहले से पति या पत्नी जीवित है तो वह सेवा में नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा। यानी अभ्यर्थी ऐसे किसी पुरुष अथवा महिला से विवाह नहीं कर सकता जिसका पहले ही कोई विवाह हुआ हो।
पहले यह बाध्यता सिर्फ कर्मचारी पर थी, लेकिन अब दोनों पक्षों (वर-वधू) को इसके लिए बाध्य कर दिया गया है। ऐसे में उन्हीं कर्मचारियों को नए नियम का लाभ मिलेगा जिनके पर्सनल लॉ (धार्मिक मान्यता) के हिसाब से एक से अधिक विवाह की व्यवस्था है।
परियोजनाओं के अनुमान पुनरीक्षण में विभागों के अधिकार बढ़े
प्रदेश कैबिनेट ने निर्माण परियोजनाओं के रिवाइज एस्टीमेट (अनुमान) के मूल्यांकन व मंजूरी में प्रशासकीय विभागों के अधिकार बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इससे निर्माण परियोजनाओं के काम तेजी से हो सकेंगे।
दरअसल, शासन स्तर पर योजनाओं, परियोजनाओं के प्रस्तावों के मूल्यांकन, औचित्य के परीक्षण व लागत में पुनरीक्षण से जुड़ी कार्यवाही की प्रक्रिया तय है। इसमें पूर्व में स्वीकृत परियोजना की लागत में 50 फीसदी से अधिक वृद्धि होने पर एस्टीमेट पुनरीक्षण का प्रस्ताव सीधे प्रमुख सचिव वित्त की अध्यक्षता वाली व्यय वित्त समिति के पास आता है।
वित्त विभाग की दिक्कत है कि लागत में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने की शर्त पर भी बहुत कम लागत वाले प्रस्ताव भी बड़ी संख्या में आते हैं। पुनरीक्षण प्रस्तावों की संख्या अधिक होने से इसमें काफी समय लगता है। इसका असर परियोजनाओं की रफ्तार पर भी पड़ता है।
कैबिनेट ने परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए एस्टीमेट पुनरीक्षण से जुड़ी कार्यवाही में प्रशासकीय विभागों व प्रायोजना, रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग को भी एक सीमा तक जिम्मेदारी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे वित्त विभाग पर काम का दबाव कम होगा।
वाराणसी में आरएएफ के लिए दी जाएगी नागरिक उड्डयन विभाग की जमीन
वाराणसी में सीआरपीएफ को रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की नई वाहिनी के लिए वाराणसी सदर तहसील के ग्राम भंदहा कला में नागरिक उड्डयन विभाग की जमीन स्थानांतरित की जाएगी। इस संबंध में लाए गए प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि आरएएफ के लिए कुल 20.854 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराया जाना है। इसमें 16.814 हेक्टेयर भूमि नागरिक उड्डयन विभाग और 0.340 हेक्टेयर ग्राम सभा की भूमि निशुल्क दी जानी है। शेष 2.854 हेक्टेयर भूमि के प्रतिकर भुगतान के लिए 29.55 करोड़ रुपये राज्य का गृह विभाग देगा।
प्रदेश की स्थिति को देखते हुए आरएएफ की तीन वाहिनी विभिन्न जिलों में तैनात रहती हैं। इस जरूरत को देखते हुए आरएएफ की एक नई वाहिनी का गठन वाराणसी में किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में यह वाहिनी अस्थाई तौर पर लखनऊ और इलाहाबाद से संचालित हो रही है। अब इसका मुख्यालय वाराणसी होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए दी जाएगी बाराबंकी पीएसी की जमीन
पीडब्ल्यूडी के अनुरोध पर 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी की 1.024 हेक्टेयर भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग 28-सी के लिए निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। कैबिनेट ने इससे संबंधित प्रस्ताव पर सहमति दे दी। यह जमीन अधिशासी अभियंता के माध्यम से राष्ट्रपति के पक्ष में निशुल्क दी जाएगी। इस पर आने वाला खर्च केंद्रीय परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय वहन करेगा।
मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्टेट हाईवे पर वसूला जाएगा टोल टैक्स
लखनऊ। मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्टेट हाईवे-59 पर टोल टैक्स वसूली की अधिसूचना को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। इस मार्ग की कुल लंबाई 52.887 किमी. है। इसमें देवबंद कस्बे में 4 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर भी शामिल है। इस मार्ग पर उप्र. राज्य राजमार्ग (दरों का अवधारण एवं पथकर का संग्रहम) नियमावली-2011 के अनुसार पथकर वसूली का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा था। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।