UP Board: परीक्षा देने जा रहे सभी छात्रों को अमर उजाला की तरफ से Good Luck, नकल से सावधान
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो रहीं हैं। नकल विहीन परीक्षा प्रदेश सरकार की साख के लिए चुनौती बना हुआ है। जिसके लिए न सिर्फ डीएम से लेकर एसएसपी तक की जिम्मेदारी तय की गई है बल्कि माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री भी परीक्षा केंद्रों पर छापा मार सकते हैं।
यूपी बोर्ड मुख्यालय में यह खबर पहुंचने के बाद अफसरों में खलबली है और निचले स्तर तक यह जानकारी पहुंचाकर व्यवस्था चौक चौबंद करने की हिदायत दी जा रही है।
परीक्षा को लेकर 30 जनवरी को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने नकल विहीन परीक्षा के संबंध में अफसरों को सख्त निर्देश दिए थे। इस दौरान यह भी कहा था कि वे स्वयं भी परीक्षा के दौरान केंद्रों पर पहुंच कर निरीक्षण करेंगे।
दरअसल, पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव के पहले गोंडा में हुई रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी बोर्ड की परीक्षा में खुलेआम नकल पर कटाक्ष किया था। बोर्ड अफसर उसी कड़ी में इसे जोड़कर देख रहे हैं। बोर्ड सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार के मंत्रियों को भी परीक्षा के दौरान विभिन्न जिलों में निरीक्षण के लिए लगाए जाने की योजना है।
परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से नकल रोकने में मिलेगी मदद
यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्ताव ने बताया कि शासन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा नकल विहीन कराने को कटिबद्ध है। परीक्षा केंद्रों की संख्या कम होने के कारण नकल रोकने के लिए तैनात किए गए पर्यवेक्षक तेजी से काम कर सकेंगे। पहली बार परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से भी नकल रोकने में मदद मिलेगी।
परीक्षा एक नजर में
- इस बार की परीक्षा में कुल 66,37,018 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं
- हाईस्कूल में 36,55,691 एवं इंटरमीडिएट में 29,81,327 परीक्षार्थी
- पूरे प्रदेश में परीक्षा के लिए बनाए गए 8549 केंद्र
- 01521 संवेदनशील, 566 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र चिह्ंित
आठ जेलों में 202 कैदी देंगे परीक्षा
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड की परीक्षा में आठ जेलों में बंद 202 कैदी भी शामिल होंगे। इन कैदियों के लिए जेल के भीतर ही परीक्षा की व्यवस्था की गई है। फिरोजाबाद, गाजियाबाद, बांदा एवं गोरखपुर जिला जेल तथा बरेली, फर्रूखाबाद, वाराणसी एवं लखनऊ केंद्रीय जेल में ये कैदी परीक्षा देंगे।