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सूदखोरी : कोई मारा गया, किसी की दहशत में गई जान

Fri, 22 Mar 2024 03:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Mar 2024 03:45 AM IST
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Usury: someone was killed, someone lost his life due to fear
लखनऊ। सूदखोरी के खेल में शहर में कई लोग जान ही नहीं दे चुके बल्कि खूनी खेल भी हो चुका है। वर्ष 2021 में सूदखोरी का काम करने वाले दो व्यापारियों की हत्या कर दी गई थी। एक वारदात का साजिशकर्ता तो दूसरा सूदखोर ही था। जो मुख्तार अंसारी का करीबी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सूदखोरी का खेल किस तरह खूनी होता जा रहा है।
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आलमबाग के चंदरनगर मार्केट में नौ जनवरी 2021 को कपड़ा व्यापारी अमनप्रीत सिंह (30) की हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था कि सूदखोर बलविंदर उर्फ राजू कालिया व उसका साथी साेनू खान ब्याज पर अमनप्रीत से रकम लेकर दूसरों को अधिक ब्याज पर देते थे। इन दोनों ने खुलासा किया था कि अमनप्रीत को पूरी रकम देने के बावजूद वह मूलधन की मांग कर रहा था। इसलिए उसकी हत्या करा दी थी। हत्या की साजिश में मुख्तार अंसारी का करीबी जुगनू वालिया शामिल था। पुलिस ने सभी को जेल भेजा था। हाल में ही जुगनू वालिया के खिलाफ चार्जशीट भी लगाई गई है। तब पुलिस ने सूदखोरी के खिलाफ अभियान भी चलाया था। लेकिन, वक्त के साथ अभियान ठंडा पड़ गया।
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कैसरबाग के खंदारी बाजार निवासी टायर कारोबारी शोएब 14 दिसंबर 2021 को लापता हो गए थे। मामले में पुलिस ने इलाकाई निवासी राजा उर्फ नसीम अहमद व अकील अहमद को गिरफ्तार किया था। दोनों ने बताया था कि उन्होंने शोएब से करीब 20 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। इनका कहना था कि ब्याज के साथ ही पूरी रकम चुका दी थी लेकिन तब भी शोएब मूलधन की मांग कर रहा था। इसलिए उन्होंने साजिश रचकर उसको मार दिया।
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बैंक की कागजी कार्रवाई के फेर से बचने के लिए लोग छोटी-मोटी रकम सूदखोरों से ले लेते हैं। इसमें अधिकतर बहुत सामान्य लोग फंसते हैं। सूदखोर तमाम दस्तावेजों पर उनसे दस्तखत करा लेते हैं। इस दौरान सूदखोर इस तरह की बातें करते हैं जैसे वह उनकी मदद कर रहे हों। इसलिए लोग उनके जाल में आसानी से फंस जाते हैं। बाद में वह रकम चुकाते-चुकाते परेशान हो जाते हैं लेकिन मूलधन खत्म ही नहीं होता। विरोध पर सूदखोर दबाव बनाकर धमकी देते हैं। सूदखोरों ने बाकायदा रिकवरी एजेंट भी रख रखे हैं। जो लोगों को डरा-धमकाकर वसूली करते हैं। इसी डर और दहशत में तमाम लोग जान तक गवां देते हैं।
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