बीटेक छात्रों ने की क्या सिर्फ मौज-मस्ती? 59 फीसदी फेल
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उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) से संबद्ध इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में पढ़ने वाले फर्स्ट सेमेस्टर के स्टूडेंट का रिजल्ट इस बार काफी खराब गया और 59 फीसदी छात्र फेल हो गए।
बीटेक फर्स्ट सेमेस्टर में बिना बैक पेपर पास होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या सिर्फ 41 प्रतिशत ही है। जबकि 25 फीसदी स्टूडेंट ऐसे हैं जिन्हें पांच पेपरों में से चार व उससे अधिक में बैक पेपर मिला है।
वहीं बीटेक थर्ड सेमेस्टर में सिर्फ 48 प्रतिशत स्टूडेंट ऐसे हैं जो कि बिना बैक पेपर के पास हुए हैं।गत वर्ष के मुकाबले इस बार रिजल्ट में करीब 9 फीसदी की गिरावट आई है।
राजधानी सहित अन्य जिलों के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के जहां फर्स्ट और थर्ड सेमेस्टर के रिजल्ट धड़ाम हुए हैं वहीं बीटेक के पांचवें और सातवें सेमेस्टर के रिजल्ट अपेक्षाकृत अच्छे गए हैं।
मूल्यांकन में दिखाई गई सख्ती
परीक्षा नियंत्रक प्रो. बीएन मिश्रा ने बताया कि इस बार मूल्यांकन में काफी सख्ती की गई। इसके पीछे मंशा यह है कि स्टूडेंट आगे पास होने के लिए और मेहनत करें।
क्वॉलिटी को बढ़ावा देने के लिए सख्ती बहुत जरूरी है। इसका आगे असर देखने को मिलेगा। स्टूडेंट पहले से अधिक मेहनत करने को मजबूर होंगे और आगे के सेमेस्टर के रिजल्ट बेहतर होने से अच्छे प्लेसमेंट की उम्मीदें भी बढ़ेंगी।
प्रो. बीएन मिश्रा ने बताया कि बीटेक के फर्स्ट सेमेस्टर में कुल 67880 अभ्यर्थी पंजीकृत थे जिसमें से 66512 ने परीक्षा दी। इसमें से करीब 41 प्रतिशत स्टूडेंट ऐसे थे जिन्होंने क्लीयर कट परीक्षा पास की यानि उन्हें किसी भी पेपर में बैक नहीं मिला है।