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Lucknow News: ट्रेन का गेट न खुलने पर हंगामा, पथराव से टूटे शीशे
Tue, 14 Jan 2025 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 14 Jan 2025 12:39 AM IST
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रायबरेली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॅार्म पर बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस ट्रेन का अंदर से बंद किए गए ग
- फोटो : संवाद
बछरावां (रायबरेली)। रेलवे स्टेशन पर रविवार देर रात जमकर हंगामा हुआ। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस दो घंटे देर से स्टेशन पहुंची। ट्रेन के दरवाजे न खुलने पर लोग भड़क गए। कुछ लोग ट्रेन के अंदर घुस गए और चेन खींच कर ट्रेन रोकने का प्रयास किया। ट्रेन में बैठे यात्रियों ने विरोध किया तो ट्रेन पर पथराव शुरू कर दिया। इससे बोगियों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। कुछ यात्री घायल भी हो गए। करीब 35 मिनट तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही। आरपीएफ और जीआरपी के साथ बछरावां थाने की पुलिस पहुंची तो मामला शांत हुआ।
बछरावां स्टेशन पर 200 से अधिक यात्री ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। रात डेढ़ बजे के करीब बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस आई तो उसमें गिने-चुने यात्री चढ़ पाए। ट्रेन की ज्यादातर बोगियों के गेट बंद होने से यात्री नाराज हो गए। अंदर पहुंचे यात्रियों ने चेन खींच कर ट्रेन रोक दी। यात्री लगातार ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करते रहे, लेकिन किसी भी बोगी का गेट नहीं खुला तो हंगामा बढ़ने लगा।
गुस्साए यात्री स्टेशन अधीक्षक से भिड़ गए। कहासुनी और नोकझोंक हुई। इसी बीच भीड़ ने ट्रेन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे कई बोगियों के शीशे टूटने से अंदर बैठे रोहित समेत कई यात्री चोटिल हुए। जीआरपी और आरपीएफ ने मोर्चा संभाला। सुरक्षा बल कम पड़ा तो बछरावां थाने से पुलिस बुलाई गई। पुलिस की घेराबंदी बढ़ी तो भीड़ तितर-बितर हुई और ट्रेन को रवाना किया गया।
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स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि 35 मिनट ट्रेन खड़ी रही। उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत करा दिया गया है। यात्रा न कर पाने से नाराज कुछ यात्रियों को शांत करने के लिए टिकट का पैसा भी वापस करना पड़ा। आरपीएफ इंचार्ज दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। तहरीर मिली तो केस दर्ज किया जाएगा। ट्रेन पर पत्थर चलाने वालों का पता लगाया जा रहा है। रेलवे संपत्ति को क्षति हुई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली स्टेशन पर भी नारेबाजी
रायबरेली। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस के रायबरेली स्टेशन पहुंचने पर भी हंगामा हुआ। यह ट्रेन रात में ढाई घंटे देरी से आई। कुछ मिनट ठहराव के बाद रवाना हुई। किसी भी बोगी का गेट नहीं खुला तो गुस्साए यात्रियों ने नारेबाजी की। ट्रेन के गेट और खिड़कियों को पीटकर अपना गुस्सा जताया। यात्री शिवा वर्मा, अखिलेश, चंद्रिका प्रसाद आदि ने कहा कि महाकुंभ में स्नान करने के लिए प्रयागराज जाना था। रात 9 बजे से इंतजार कर रहे थे। ट्रेन आई, लेकिन गेट नहीं खुले तो प्रयागराज नहीं जा सके। रेलवे की व्यवस्था बहुत अच्छी नहीं है। ज्यादातर यात्रियों को भटकना पड़ रहा है।
छूटे यात्रियों के लिए दौड़ाई गई स्पेशल ट्रेन
रायबरेली। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस में भीड़ पहले से ही थी, जिसकी वजह से रास्ते के स्टेशनों पर इंतजार कर रहे यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ सके। बछरावां में हंगामे के बाद रेलवे ने अचानक नई स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया, ताकि स्टेशनों पर छूटे हुए यात्रियों को प्रयागराज पहुंचाया जा सके। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि लखनऊ के आलम नगर में काफी यात्री छूट गए। लखनऊ स्टेशन पर भी यात्री चढ़ नहीं सके। बछरावां में हंगामा और रायबरेली समेत स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेन चलाई गई। सोमवार को तड़के लखनऊ से बछरावां, रायबरेली, ऊंचाहार होते हुए प्रयागराज तक स्पेशल ट्रेन दौड़ी, जिससे ज्यादातर छूटे यात्रियों को प्रयागराज पहुंचा दिया गया।
कानपुर पैसेंजर का संचालन प्रभावित
ऊंचाहार (रायबरेली)। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस की लेटलतीफी के चलते रायबरेली-कानपुर पैसेंजर का संचालन भी प्रभावित हुआ। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस रायबरेली स्टेशन से ऊंचाहार की तरफ बढ़ी, उसके कुछ देर बाद ही रायबरेली से कानपुर पैसेंजर चलाई गई। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस आगे दौड़ रही थी, जिससे रायबरेली-कानपुर पैसेंजर रेंगती रही। बरेली-प्रयागराज ट्रेन ऊंचाहार स्टेशन पर करीब पौने तीन घंटे देर से पहुंची, जो 20 मिनट खड़ी रहने के बाद आगे रवाना हुई।
इस ट्रेन के गेट ऊंचाहार में भी नहीं खुले, जिससे यात्री नाराज रहे। पीछे चल रही रायबरेली-कानपुर पैसेंजर लक्ष्मणपुर में आधे घंटे और ऊंचाहार में पौन घंटे रोकी गई, जिससे यह ट्रेन अगले स्टेशनों पर डेढ़ घंटे देर से पहुंची। स्टेशन अधीक्षक विनोद त्रिपाठी का कहना है कि ट्रेनों का आवागमन सुचारू रूप से चल रहा है। कोई अव्यवस्था नहीं है। (संवाद)
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बछरावां स्टेशन पर 200 से अधिक यात्री ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। रात डेढ़ बजे के करीब बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस आई तो उसमें गिने-चुने यात्री चढ़ पाए। ट्रेन की ज्यादातर बोगियों के गेट बंद होने से यात्री नाराज हो गए। अंदर पहुंचे यात्रियों ने चेन खींच कर ट्रेन रोक दी। यात्री लगातार ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करते रहे, लेकिन किसी भी बोगी का गेट नहीं खुला तो हंगामा बढ़ने लगा।
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गुस्साए यात्री स्टेशन अधीक्षक से भिड़ गए। कहासुनी और नोकझोंक हुई। इसी बीच भीड़ ने ट्रेन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे कई बोगियों के शीशे टूटने से अंदर बैठे रोहित समेत कई यात्री चोटिल हुए। जीआरपी और आरपीएफ ने मोर्चा संभाला। सुरक्षा बल कम पड़ा तो बछरावां थाने से पुलिस बुलाई गई। पुलिस की घेराबंदी बढ़ी तो भीड़ तितर-बितर हुई और ट्रेन को रवाना किया गया।
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स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि 35 मिनट ट्रेन खड़ी रही। उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत करा दिया गया है। यात्रा न कर पाने से नाराज कुछ यात्रियों को शांत करने के लिए टिकट का पैसा भी वापस करना पड़ा। आरपीएफ इंचार्ज दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। तहरीर मिली तो केस दर्ज किया जाएगा। ट्रेन पर पत्थर चलाने वालों का पता लगाया जा रहा है। रेलवे संपत्ति को क्षति हुई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली स्टेशन पर भी नारेबाजी
रायबरेली। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस के रायबरेली स्टेशन पहुंचने पर भी हंगामा हुआ। यह ट्रेन रात में ढाई घंटे देरी से आई। कुछ मिनट ठहराव के बाद रवाना हुई। किसी भी बोगी का गेट नहीं खुला तो गुस्साए यात्रियों ने नारेबाजी की। ट्रेन के गेट और खिड़कियों को पीटकर अपना गुस्सा जताया। यात्री शिवा वर्मा, अखिलेश, चंद्रिका प्रसाद आदि ने कहा कि महाकुंभ में स्नान करने के लिए प्रयागराज जाना था। रात 9 बजे से इंतजार कर रहे थे। ट्रेन आई, लेकिन गेट नहीं खुले तो प्रयागराज नहीं जा सके। रेलवे की व्यवस्था बहुत अच्छी नहीं है। ज्यादातर यात्रियों को भटकना पड़ रहा है।
छूटे यात्रियों के लिए दौड़ाई गई स्पेशल ट्रेन
रायबरेली। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस में भीड़ पहले से ही थी, जिसकी वजह से रास्ते के स्टेशनों पर इंतजार कर रहे यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ सके। बछरावां में हंगामे के बाद रेलवे ने अचानक नई स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया, ताकि स्टेशनों पर छूटे हुए यात्रियों को प्रयागराज पहुंचाया जा सके। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि लखनऊ के आलम नगर में काफी यात्री छूट गए। लखनऊ स्टेशन पर भी यात्री चढ़ नहीं सके। बछरावां में हंगामा और रायबरेली समेत स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेन चलाई गई। सोमवार को तड़के लखनऊ से बछरावां, रायबरेली, ऊंचाहार होते हुए प्रयागराज तक स्पेशल ट्रेन दौड़ी, जिससे ज्यादातर छूटे यात्रियों को प्रयागराज पहुंचा दिया गया।
कानपुर पैसेंजर का संचालन प्रभावित
ऊंचाहार (रायबरेली)। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस की लेटलतीफी के चलते रायबरेली-कानपुर पैसेंजर का संचालन भी प्रभावित हुआ। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस रायबरेली स्टेशन से ऊंचाहार की तरफ बढ़ी, उसके कुछ देर बाद ही रायबरेली से कानपुर पैसेंजर चलाई गई। बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस आगे दौड़ रही थी, जिससे रायबरेली-कानपुर पैसेंजर रेंगती रही। बरेली-प्रयागराज ट्रेन ऊंचाहार स्टेशन पर करीब पौने तीन घंटे देर से पहुंची, जो 20 मिनट खड़ी रहने के बाद आगे रवाना हुई।
इस ट्रेन के गेट ऊंचाहार में भी नहीं खुले, जिससे यात्री नाराज रहे। पीछे चल रही रायबरेली-कानपुर पैसेंजर लक्ष्मणपुर में आधे घंटे और ऊंचाहार में पौन घंटे रोकी गई, जिससे यह ट्रेन अगले स्टेशनों पर डेढ़ घंटे देर से पहुंची। स्टेशन अधीक्षक विनोद त्रिपाठी का कहना है कि ट्रेनों का आवागमन सुचारू रूप से चल रहा है। कोई अव्यवस्था नहीं है। (संवाद)