पीएफ घोटाला: सड़कों पर उतरे बिजली कर्मचारी, मांगे पूरी न होने पर दी बेमियादी हड़ताल की धमकी
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कर्मचारियों ने रैली निकालने से पहले राणा प्रताप मार्ग के फील्ड हॉस्टल में सभा की और फिर शक्ति भवन की तरफ कूच कर गए।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बुधवार को बताया कि इस रैली में शामिल होने के लिए प्रदेश भर से लोग आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शाम को प्रमुख सचिव एवं पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन अरविंद कुमार से बातचीत हुई, जिसमें एक सूत्रीय मांग भुगतान की जिम्मेदारी लेते हुए सरकार अधिसूचना जारी करे पर सहमति नहीं बन सकी। चेयरमैन ने आश्वस्त किया, कि वह शासन स्तर पर बात करके बताएंगे।
ईओडब्ल्यू की जांच पर सवाल
संघर्ष समिति का कहना है कि ईओडब्ल्यू की जांच 17 मार्च 2017 से आगे क्यों नहीं बढ़ रही है, जबकि इस दिन मात्र 18 करोड़ रुपये डीएचएफएल को दिए गए। इसके बाद डीएचएफएल को 4100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। ऐसा लग रहा है ईओडब्ल्यू बड़े आईएएस अधिकारियों पर हाथ डालने से कतरा रही है। जब तक पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक घोटाले की तह तक पहुंचना संभव नहीं है।
उधर, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के केंद्रीय महासचिव जय प्रकाश ने बताया कि प्रदेश भर में सदस्याें ने डीएम के जरिये मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर सीबीआई जांच एवं अधिसूचना जारी करने की मांग की है। लखनऊ में अवर अभियंताओं एवं प्रमोटी अभियंताओं ने शक्ति भवन पर प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया संगठन के सदस्य 20 नवंबर से प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन देने वालों में केंद्रीय उपाध्यक्ष जीवी पटेल, वरिंदर कुमार शर्मा, राम इकबाल और संजीव वर्मा मौजूद थे। इसके अलावा विद्युुत कर्मचारी मोर्चा संगठन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश अवस्थी बब्बू ने शक्ति भवन के गेट पर भूख हड़ताल की। कार्यवाहक अध्यक्ष छोटे लाल दीक्षित ने बताया कि इससे पहले शक्ति भवन के सुरक्षा कर्मियों ने उनकी नोकझोंक हुई और अंदर से गेट बंद कर लिया।