यूपी: प्रदेश में पानी बरसा तो बरसता ही रहा, स्कूल-कॉलेज बंद; सड़कें लबालब, पेड़ गिरे; कमर तक भरा पानी
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश के चलते 19 जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं। किसानों की फसलों को भी नुकसान की चिंता है।
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उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहने के आसार हैं। बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुई बारिश प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में कहीं धीमी तो कहीं तेज रफ्तार से होती रही। लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 62 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है। लगातार हुई बारिश से मानसून के दौरान प्रदेश में रह गया करीब चार फीसदी बारिश का अंतर भी पूरा हो गया है।
बारिश की स्थिति को देखते हुए शनिवार को 19 जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में नर्सरी से लेकर डिग्री कॉलेज तक के शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। चार जिलों में कक्षा आठ तक और अन्य जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद करने के प्रशासन के फैसले का सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह ने समर्थन किया है।
नए मौसम तंत्र से बढ़ी बारिश
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिल जाने से उत्तर प्रदेश में बारिश के तेवर और तीखे हुए हैं। शनिवार को प्रदेश में बारिश का दायरा और व्यापक होने की संभावना है। बारिश के कारण अधिकतर क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आई है और कई जगह यह सामान्य से नीचे पहुंच गया है।
खेतों में गिरी धान की फसल
लगातार बारिश का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी धान समेत अन्य फसलें तेज बारिश और हवाओं के कारण जमीन पर गिर गई हैं। जौनपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ में धान की फसल बिछने की सूचना है। इससे किसानों को फसल खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।