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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Two Motor Vehicle Inspectors suspended in Basti over irregularities in driving licenses.

यूपी: ड्राइविंग लाइसेंस में गड़बड़ी पर दो मोटरयान निरीक्षक निलंबित, 998 लाइसेंस बिना जरूरी जांच के मंजूर किए

Wed, 02 Sep 2026 11:23 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Wed, 02 Sep 2026 11:23 AM IST
सार

जांच में मोटरयान निरीक्षक संजय कुमार दास द्वारा 785 और सीमा गौतम द्वारा 213 लाइसेंस बिना जरूरी जांच-पड़ताल के मंजूर करने की पुष्टि हुई। मामले की जांच के लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन को पत्र भेजा गया है।

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UP: Two Motor Vehicle Inspectors suspended in Basti over irregularities in driving licenses.
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बस्ती के उप संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में अनियमितता पर परिवहन आयुक्त ने मोटरयान निरीक्षक संजय कुमार दास और सीमा गौतम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच के लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन को पत्र भेजा गया है। नियम विरुद्ध जारी लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

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परिवहन आयुक्त के मुताबिक, जांच में संजय कुमार दास द्वारा 785 और सीमा गौतम द्वारा 213 लाइसेंस बिना जरूरी जांच-पड़ताल के मंजूर करने की पुष्टि हुई। कुल 998 लाइसेंस ऐसे मिले, जिनमें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक जांच नहीं की गई थी।
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जांच के दौरान बस्ती कार्यालय के कंप्टरीकृत रिकॉर्ड और एनआईसी लखनऊ से मिले डाटा का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट 31 अगस्त 2026 को प्रस्तुत की गई। प्रदेश में एक अप्रैल 2013 से ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन सारथी पोर्टल के जरिये जारी हो रहे हैं। इसके बावजूद बस्ती कार्यालय में इसके बाद जारी कुछ लाइसेंसों को बैकलॉग किया गया।
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आवेदन मंजूर करने से पहले सारथी पोर्टल पर उपलब्ध एक्सट्रैक्ट ऑफ ड्राइविंग लाइसेंस और एप्लिकेशन पर्सनल डाटा का सही परीक्षण नहीं किया गया। कई आवेदनों में पुराने लाइसेंस की प्रति अपलोड नहीं की गई। पता बदलने के आवेदनों में लगाए गए पते के प्रमाणों का भी जरूरी सत्यापन नहीं कराया गया।


कंपनी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई
जांच में सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई है। उन्हें सेवा से हटाने व एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और उसकी सिक्योरिटी (बैंक गारंटी) जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

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