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यूपी: मुख्तार अंसारी की बेनामी संपत्ति पर फ्लैट बनाने में फंसा पेच, आयकर विभाग की मंजूरी के बाद होगा निर्माण
Fri, 22 Dec 2023 07:43 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 22 Dec 2023 07:43 AM IST
सार
मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी के घर के सामने स्थित 3,234 वर्ग फीट वाले इस रिहायशी भूखंड को गाजीपुर निवासी तनवीर सहर ने 76 लाख रुपये में खरीदा था।
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माफिया मुख्तार अंसारी
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
माफिया मुख्तार अंसारी की लखनऊ में डालीबाग स्थित बेनामी भूमि पर गरीबों के लिए फ्लैट बनाने की लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की योजना में पेच फंस गया है। जिस भूमि पर गरीबों के लिए फ्लैट बनना था, उस पर बृहस्पतिवार को आयकर विभाग ने डुगडुगी पिटवा कर कब्जा ले लिया। अब आयकर विभाग की अनुमति व कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही फ्लैट बन सकेंगे।
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दरअसल, एलडीए डालीबाग में जिन दो भूखंडों पर फ्लैट बनाने की तैयारी कर रहा है, उसमें आयकर विभाग द्वारा जब्त भूमि भी शामिल है। एलडीए के अधिकारियों के बिना इसकी पड़ताल किए योजना का खाका तैयार कर लिया। बुधवार को दोनों भूखंडों की सफाई का काम शुरू होने की सूचना पर आयकर विभाग ने आनन-फानन में जब्त किए गए भूखंड पर अपना बोर्ड लगाकर अनंतिम कब्जा ले लिया।
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गौरतलब है कि आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई ने बीती एक अक्तूबर को मुख्तार की डालीबाग स्थित इस डेढ़ करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति को जब्त किया था। मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी के घर के सामने स्थित 3,234 वर्ग फीट वाले इस रिहायशी भूखंड को गाजीपुर निवासी तनवीर सहर ने 76 लाख रुपये में खरीदा था।
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आयकर जांच में सामने आया कि पहले इसे मुख्तार की पत्नी अफशा अंसारी के नाम से खरीदा गया था। वर्ष 2010 में इसे मुख्तार ने गणेश दत्त मिश्रा को हस्तांतरित कर दिया। फिर वर्ष 2020 में इसको गाजीपुर निवासी तनवीर सहर को बेच दिया। जांच में पता चला कि तनवीर के नाम हुई सेल डीड में जिन चेकों का जिक्र किया गया था, वह कभी भुनाए ही नहीं गए थे। फर्जी भुगतान दर्शाकर इसे बेचा गया। इसकी पुष्टि होने पर आयकर विभाग ने इसे बेनामी संपत्ति एक्ट के तहत जब्त कर लिया था।