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UP: गलती पर माफी मांगना और मददगारों को धन्यवाद देना सीखेंगे प्रशिक्षु सिपाही, राजनीतिक टिप्पणी नहीं कर सकेंगे

Fri, 20 Jun 2025 09:30 AM IST
ishwar ashish अशोक मिश्रा, अमर उजाला, लखनऊ
अशोक मिश्रा, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 20 Jun 2025 09:30 AM IST
सार

यूपी में नवचयनित सिपाहियों को जनता से अच्छे व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, कोई अनैतिक टिप्प्णी, हड़ताल या प्रदर्शन के लिए उकसाने पर एक्शन भी लिया जाएगा।

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UP: Trainee soldiers will learn to apologize for mistakes and thank those who help them
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनने जा रहे सिपाही प्रशिक्षण के दौरान गलती पर माफी मांगना और मदद पर धन्यवाद देना भी सीखेंगे। प्रशिक्षण के दौरान सिपाहियों को खेद प्रकट करना भी सिखाया जाएगा। उदाहरण के तौर पर तलाशी लेने से पूर्व या गिरफ्तारी के समय क्षमा करिएगा/माफ करिएगा इत्यादि संबोधन उचित होता है। साथ ही नागरिकों द्वारा किए गए किसी सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद देने का अभ्यास कराया जाएगा।

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वहीं, सोशल मीडिया पर सियासी टिप्पणी नहीं कर सकेंगे। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कोई अनैतिक टिप्पणी और हड़ताल या प्रदर्शन के लिए उकसाने वाले संदेश जारी करने पर भी एक्शन लिया जाएगा। इसके तहत सत्र से निलंबन और निष्कासन और सेवा से हटाए जाने तक की कार्रवाई हो सकती है।
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आरक्षी नागरिक पुलिस (सीधी भर्ती/मृतक आश्रित) आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के नियमों के मुताबिक नवचयनित सिपाही अपने पूर्व आपराधिक इतिहास को छुपाने के दोषी पाए जाने पर सेवा से बर्खास्त कर दिए जाएंगे। इसी तरह प्रशिक्षण संस्थान के संकाय सदस्यों, स्टाफ, कर्मचारियों पर हमला, अभद्र एवं अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना, अनुशासनहीनता और अवज्ञा करने के लिए उकसाना, शराब या मादक पदार्थों का सेवन करने पर भी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

हटाने तक की कार्रवाई: बता दें कि जो सिपाही इन कार्यों के दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ उप्र अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दंड और अपील) नियमावली, 1991 के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। संस्था के प्रमुख द्वारा आरोपों की जांच सात दिन में पूरी कराई जाएगी। इसकी रिपोर्ट पूरा डीजी ट्रेनिंग को भेजी जाएगी। यदि संस्था प्रमुख की राय में उसका अपराध सिपाही के पद पर नियुक्त करने के योग्य न हो तो इसकी रिपोर्ट डीजी ट्रेनिंग के माध्यम से डीजीपी तक भेजी जाएगी। इसके तहत प्रशिक्षण सत्र से निलंबन, निष्कासन और सेवा से हटाने तक की कार्रवाई हो सकती है।

आत्मसम्मान का भी रखना होगा ध्यान : प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों को सिपाहियों के आत्मसम्मान का भी ध्यान रखना होगा, ताकि उनमें हीनभावना न पनपने पाए और सेवा में आने पर वह नागरिकों के साथ भी सम्मानपूर्वक व्यवहार करें। इसके अलावा प्रशिक्षुओं को अपने कृत्यों की जिम्मेदारी लेने का साहस पैदा किया जाएगा।

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