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यूपी: तीन को डिजिटल अरेस्ट करके एक करोड़ से ज्यादा वसूले, एक माह तक करते रहे व्हाट्सएप कॉल; सात दिन रखा कैद

Sat, 27 Dec 2025 08:15 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sat, 27 Dec 2025 08:15 PM IST
सार

Digital arrest in Lucknow: यूपी की राजधानी लखनऊ में डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ते जा रहे हैं। साइबर लुटेरों ने तीन लोगों से एक करोड़ से ज्यादा लूट लिए। 
 

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UP: Three people were digitally arrested and extorted over Rs 1 crore, who continued making WhatsApp calls for
डिजिटल अरेस्ट। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

 साइबर जालसाजों ने दो बुजुर्गों और एलडीए में तैनात महिला कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट कर एक करोड़ आठ लाख रुपये वसूल लिए। दो बुजुर्गों ने साइबर क्राइम थाने और महिला ने इंदिरानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ठगों का पता लगा रही है।

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खाते से ट्रांसफर करवा लिए 30 लाख रुपये
राजाजीपुरम निवासी बुजुर्ग महालक्ष्मी श्रीवास्तव के मुताबिक 24 नवंबर को उनके पास अंजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को पुलिस हेडक्वार्टर में तैनात इंस्पेक्टर रंजीत कुमार बताते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के अफजल खान के पास से उनका आधार कार्ड मिला है। पहलगाम हमले में पकड़े गए आतंकवादी हाफिज फौजी ने बयान दिया है कि उसने आपके बैंक खाते में 70 लाख रुपये भेजे हैं।
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इसके एवज में आपने देश के खिलाफ जानकारी साझा की है। महालक्ष्मी को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में दोषी पाए जाने की बात कहते हुए जेल भेजने की धमकी दी गई। झांसे में लेने के लिए एटीएस के कथित अफसर से बात कराई। उसने भी महालक्ष्मी को धमकाया और मदद का झांसा देकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद ठगों ने उनके खाते से 30 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। छह दिसंबर को फिर से रुपये मांगे। इस पर महालक्ष्मी को संदेह हुआ और उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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सात दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट

गोमतीनगर के वास्तु खंड निवासी उत्तर प्रदेश वित्त लेखा सेवा से सेवानिवृत्त राजेंद्र प्रकाश वर्मा के मुताबिक 13 दिसंबर को उनके पास फोन करने वाले ने खुद को इंस्पेक्टर रंजीत कुमार बताया। उसने पहलगाम हमले में गिरफ्तार आतंकी अफजल खान के प्रकरण में हाफिज फौजी के बयान का जिक्र किया। ठग ने कहा कि आपके खाते में सात करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। यह लेन-देन एचडीएफसी बैंक कोलाबा मुंबई के खाते में हुआ है, जो आपके आधार कार्ड पर खोला गया है। ठग ने राजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज होने की जानकारी देते हुए जेल भेजने की धमकी दी। राजेंद्र ने कहा कि वह पेंशनर हैं और उन्होंने कोई रकम नहीं ली है। इस पर ठग ने उनकी एटीएस के कथित अफसरों से बात कराई। इसके बाद ठगों ने उनके सारे बैंक खातों की जानकारी ले ली। फिर सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 54.68 लाख रुपये वसूल लिए। 19 दिसंबर को ठगों ने दबाव बनाने के लिए पास के थाने जाकर पुलिसकर्मियों से बात कराने के लिए कहा। पीड़ित जब थाने पहुंचे तो उन्हें ठगी की जानकारी हुई।

एक माह तक करते रहे व्हाट्सएप कॉल

इंदिरानगर के तकरोही निवासी एलडीए में कनिष्ठ लिपिक ज्योति सिंह से साइबर अपराधियों ने 23.33 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़िता के मुताबिक 28 नवंबर को उनकी शादी की सालगिरह पर अंजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने अपना नाम वीरेंद्र बताते हुए उन्हें पार्सल भेजने की बात कही। इस पर ज्योति ने इन्कार कर दिया। कुछ देर बाद दूसरे व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को पार्सल वाला बताया। ज्योति ने पार्सल लेने से मना करते हुए उसका नंबर ब्लॉक कर दिया।

अगले दिन खुद को सीबीआई अफसर बताकर एक व्यक्ति ने फोन किया और पार्सल रिसीव करने का दबाव बनाया। फिर जेल भेजने की धमकी दी। करीब एक माह तक जालसाज व्हाट्सएप की वीडियो कॉल के माध्यम से ज्योति से बात करते रहे। उन पर आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप लगाया। इससे दहशत में आईं ज्योति ने ठगों के बताए गए खाते में 29 नवंबर से 22 दिसंबर के बीच रकम ट्रांसफर कर दी। शातिरों ने रकम लौटाने का झांसा देकर उनका दूसरा खाता भी खुलवाया था। बाद में और रकम मांगने पर पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

ऐसे बचें डिजिटल अरेस्ट से

UP: Three people were digitally arrested and extorted over Rs 1 crore, who continued making WhatsApp calls for
डिजिटल अरेस्ट। - फोटो : अमर उजाला।
अगर आपके पास अनजान नंबर से कॉल आए तो सावधान हो जाएं। फोन करने वाला यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल बुक है। कस्टम विभाग ने पकड़ा है। आप आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं... केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ये कॉल साइबर ठग की होती है। तत्काल पुलिस से शिकायत करें।

यहां करें शिकायत
ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या बेबसाइट www.cybercrime.gov.in के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इनसे भी हो चुकी है ठगी
- एसजीपीजीआई की महिला डॉक्टर रुचिका टंडन से 2.81 करोड़ रुपये वसूले।
- हजरतगंज के अशोक मार्ग पर रहने वाले डॉक्टर पंकज रस्तोगी की पत्नी दीपा से 2.71करोड़ की ठगी।
- कनाडा निवासी सुमन कक्कड़ व उनकी बहन से 1.88 करोड़ रुपये ऐंठे।
- बाजारखाला के ऐशबाग निवासी सरकारी बैंक के पूर्व कर्मचारी प्रभात कुमार से 1.20 करोड़ हड़पे।
 
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