यूपी: नए डीजीपी के सामने अवैध धर्मांतरण और घुसपैठियों से निपटने की चुनौती, पंचायत चुनाव लेंगे इम्तिहान
Rajiv Krishna met CM: यूपी में नए डीजीपी ने पदभार ग्रहण कर लिया है। नए डीजीपी के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं। अगले साल प्रदेश होने वाले पंचायत चुनाव उनका इम्तिहान लेंगे।
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नए डीजीपी राजीव कृष्णा के सामने अवैध धर्मांतरण के बढ़ते मामलों, बांग्लादेशी घुसपैठियों पर अंकुश और महिला सुरक्षा के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती है। पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर उठने वाले सवालों से भी उन्हें निपटना होगा। वे सोमवार से डीजीपी मुख्यालय में औपचारिक रूप से अपना कामकाज शुरू करेंगे।
प्रदेश में बीते कई दिनों से अवैध धर्मांतरण के मामले बढ़े हैं। खासकर तराई इलाके में बढ़ते मामले चिंता का सबब बने हैं। वहीं, अवैध तरीके से यूपी में निवास कर रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की धरपकड़ कर उन्हें वापस भेजना भी किसी चुनौती ने कम नहीं है। कई राज्यों में यह कवायद हो भी रही है, लेकिन यूपी में इसकी शुरुआत होनी है। अगले साल पंचायत चुनाव सकुशल संपन्न कराना भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी।
बता दें, विपक्ष महिला सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पर लगातार हमलावर रहती है। इसकी वजह से इस मोर्चे पर भी खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है। इसके अलावा सीएम योगी पशु तस्करी की रोकथाम के लिए कई बार पुलिस को आगाह कर चुके हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए दागी छवि वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के अभियान को भी आगे बढ़ाना होगा।
सीएम से मिले राजीव
डीजीपी का पदभार संभालने के बाद रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से डीजीपी राजीव कृष्णा ने शिष्टाचार भेंट की। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि प्रदेश पुलिस का नेतृत्व करने का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपने के लिए मैं सीएम का हृदय से आभार प्रकट करता हूं। उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद से मैं राज्य सरकार की प्राथमिकताओं जैसे अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, महिला सुरक्षा, नागरिक केंद्रित पुलिसिंग और कानून व्यवस्था की उत्कृष्टता को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।