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डिजिटल दुनिया में छाई रामनगरी:  सीएम योगी ने की श्रीसीताराम के स्वरूपों की अगवानी, उपराष्ट्रपति ने किया तिलक

Sun, 08 Nov 2026 04:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा नितिन मिश्र, अयोध्या
नितिन मिश्र, अयोध्या Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 08 Nov 2026 04:04 AM IST
सार

सरयू तट पर पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से प्रभु श्रीराम, माता सीता और अनुज लक्ष्मण का आगमन हुआ तो पूरी रामनगरी भक्ति के रंग में रंग गई। गुरु वशिष्ठ की भूमिका में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ प्रभु श्रीसीताराम के रथ की डोर थामी तो मानो राजसत्ता स्वयं परमसत्ता के चरणों में समर्पित हो गई।

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Ramnagari takes over the digital world:
अद्भुत अयोध्या - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रिपु रन जीति सुजस सुर गावत, सीता सहित अनुज प्रभु आवत... गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस की ये पंक्तियां शनिवार को रामनगरी में साकार होती नजर आईं। सरयू तट पर पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से प्रभु श्रीराम, माता सीता और अनुज लक्ष्मण का आगमन हुआ तो पूरी रामनगरी भक्ति के रंग में रंग गई। गुरु वशिष्ठ की भूमिका में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ प्रभु श्रीसीताराम के रथ की डोर थामी तो मानो राजसत्ता स्वयं परमसत्ता के चरणों में समर्पित हो गई।

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सरयू तट पर पुष्पक विमान से श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान और गुरु वशिष्ठ के स्वरूप उतरे। गुरु वशिष्ठ की भूमिका में सीएम योगी ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ माल्यार्पण कर स्वागत किया। यह दृश्य वनवास पूरा कर प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने के प्रसंग की याद दिला रहा था। अगवानी के बाद प्रभु श्रीसीताराम रथ पर विराजमान हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके सहयोगियों ने रथ की डोर थामी और उसे रामकथा पार्क की ओर खींचकर आगे बढ़े। इस दृश्य को देखकर महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि परमसत्ता के रथ की डोर राजसत्ता खींच रही है। इससे अनुपम दृश्य और क्या हो सकता है।
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योगी बोले-न कर्फ्यू, न दंगा...सिर्फ रामराज्य 
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब अयोध्या में न कभी कर्फ्यू लगेगा और न ही कोई दंगा-फसाद करने का दुस्साहस कर सकेगा। रामनगरी को अब उपेक्षा का दंश नहीं झेलना पड़ेगा। न संतों का अपमान होगा और न ही रामभक्तों पर गोलियां चलाने की हिम्मत कोई जुटा पाएगा। राम कथा पार्क में दीपोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अयोध्या के बदले स्वरूप और उसके गौरव का संदेश पूरी दुनिया को देना चाहते हैं। योगी ने कहा कि यह वही अयोध्या है, जहां कभी श्रीराम के नाम को प्रतिबंधित करने का प्रयास हुआ और रामभक्तों पर गोलियां चलाई गईं। 
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रामराज्याभिषेक की भव्यता देख गदगद हुए संत-धर्माचार्य
रामराज्याभिषेक समारोह की भव्यता देखकर रामनगरी के संत-धर्माचार्य गदगद हो उठे। उन्होंने अयोध्या के विकास, धर्म-संस्कृति के संरक्षण और दीपोत्सव को भव्य स्वरूप देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की। जगद्गुरु वासुदेवाचार्य ने कहा कि प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक सनातन परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को राम के आदर्शों और मर्यादा का संदेश देगा। जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने कहा कि राम का शासन सत्ता और वैभव नहीं, बल्कि त्याग, न्याय, करुणा और लोककल्याण का प्रतीक था। शासकों को इन आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि राम का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और लोककल्याण का आदर्श है। यह आयोजन रामराज्य की अवधारणा को जनमानस में स्थापित करेगा। अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि आज कभी अकल्पनीय रही कल्पना साकार हुई है। हम अयोध्या में त्रेतायुग जी रहे हैं।


 महंत करुणानिधान शरण ने कहा कि राज्याभिषेक के साथ सदियों पुरानी आस्था, संघर्ष और रामराज्य के संकल्प का अभिनंदन हुआ है। समारोह में जगद्गुरु डॉ. राघवाचार्य, महंत कमल नयन दास, अवधेश दास, रामदास, गिरीश दास और डॉ. ममता शास्त्री सहित अन्य संत मौजूद रहे।

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