यूपी :11 घंटे तख्त के नीचे छिपा था हत्यारा, फिर लूटपाट करने लगा...विरोध पर महिला का गला दबाया
लखनऊ में 74 वर्षीय नीलिमा श्रीवास्तव की हत्या उनके ही पड़ोसी पुजारी ने की, जो 11 घंटे तक घर में तख्त के नीचे छिपा रहा और लूट के दौरान विरोध पर गला दबा दिया। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से मुख्य आरोपी और साजिश रचने वाले दोनों नौकरों को गिरफ्तार कर लिया।
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लखनऊ के जानकीपुरम के यशोदापुरम कॉलोनी निवासी नीलिमा श्रीवास्तव (74) की हत्या करने वाला आरोपी इटौंजा निवासी जितेंद्र मिश्र 11 घंटे तक नीलिमा के घर में तख्त के नीचे छिपा बैठा रहा था। रात करीब 11 बजे लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। नीलिमा के विरोध करने पर आरोपी ने उनकी गला दबाकर हत्या कर दी और भाग निकला।
जितेंद्र नीलिमा के घर के पड़ोस में रहने वाले सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह के घर पुजारी है। वारदात की साजिश सिटी मजिस्ट्रेट के घर के दो नौकरों हरदोई के सौरिया बुजुर्ग निवासी दीपक कुमार उर्फ दीपू व सीतापुर के बमहौरा सरैया निवासी सुशील कुमार ने रची थी। पुलिस ने उनको भी गिरफ्तार किया है।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान हुई
एडीसीपी नॉर्थ गोपी नाथ सैनी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने मुख्य आरोपी जितेंद्र की पहचान की गई। शुक्रवार को पुलिस ने जितेंद्र और साजिश रचने वाले दीपक कुमार और सुशील कुमार को सलीम तिराहा के पास से गिरफ्तार किया। उनके पास से लूटे गए सोने के दो कंगन, सिक्के व आर्टिफिशियल ज्वैलरी बरामद की गई। तीनों आरोपी नीलिमा श्रीवास्तव के पड़ोसी बुलंदशहर में तैनात सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह के घर आठ हजार रुपये वेतन पर काम करते हैं। जितेंद्र रोज साइकिल से आता-जाता था, जबकि आरोपी दीपक व सुशील सर्वेंट क्वार्टर में रहते हैं।
जितेंद्र आठ साल से और दीपक व सुशील 15 साल से संजय सिंह के घर काम कर रहे हैं। दीपक व सुशील के बहकाने में जितेंद्र ने वारदात को दिया था अंजामएसीपी अलीगंज अरीब खान ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुछ दिन पहले नीलिमा ने दीपक को अलमारी का लॉकर खुलवाने के लिए बुलाया था।
दीपक और सुशील ने जितेंद्र को बताया कि लॉकर में सोने की अशर्फी, कंगन व काफी सोना रखा देखा था। दोनों ने जितेंद्र को नीलिमा के घर लूटपाट करने के लिए बहकाया। जितेंद्र भी इसके लिए राजी हो गया। तीनों मिलकर सही समय का इंतजार करने लगे। दो दिसंबर की दोपहर जितेंद्र को मौका मिला और वह चुपके से नीलिमा के घर में घुस गया और एक तख्त के नीचे जाकर छिप गया।
पहचान लिया तो दबा दिया था गला
शाम को नीलिमा बहन व बहनोई के साथ घूमने चली गई। रात 10 बजे वह लौटी और कुछ देर टीवी देखने के बाद सो गई। रात करीब 11 बजे जितेंद्र चुपके से अलमारी खोलने लगा। खटपट की आवाज सुनकर नीलिमा की आंख खुल गई। उन्होंने पुजारी जितेंद्र को पहचान लिया और विरोध किया। आरोपी ने उनकी गला दबाकर हत्या कर दी। फिर वहां से प्लास्टिक के बोरे में चोरी का सामान रखकर भाग गया।
अजीजनगर पुलिस चौकी तक पैदल गया आरोपी
घटना के बाद आरोपी जितेंद्र पैदल ही सीतापुर रोड स्थित अजीजनगर पुलिस चौकी तक करीब डेढ़ किमोमटर तक गया था। अजीज नगर चौकी से एक हॉफ डाले में बैठकर वह इटौंजा अपने घर पहुंच गया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने इटौंजा तक 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले और आरोपी की पहचान की। एसीपी ने बताया कि वारदात के अगले दिन जितेंद्र सिटी मजिस्ट्रेट के घर काम पर आया था।
बढ़ाई जाएगी केस में धारा
एसीपी ने बताया कि इस मामले में अब 331(8) बीएनएस की धारा बढ़ाई जाएगी। इस धारा के तहत सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गुप्त गृह-अतिचार (घर में घुसकर) किसी व्यक्ति को जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना या उसकी मृत्यु का प्रयास करना है। इस अपराध में आजीवन कारावास या 10 साल तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है।