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यूपी : घोषणा पत्र भरने की समय सीमा समाप्त, किसानों ने की मांग, अभी और बढ़ाई जाए समय, बाढ़-ओलावृष्टि से वैसे ही मार झेल रहे हैं किसान
Sun, 31 Oct 2021 11:12 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 31 Oct 2021 11:12 PM IST
सार
प्रदेश में लगभग 47 लाख गन्ना किसान हैं। पेराई सत्र 2021-2022 के लिए इन सभी को ऑनलाइन घोषणापत्र भरने थे।
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गन्ना
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रदेश में बड़ी संख्या में गन्ना किसान ऑनलाइन घोषणापत्र नहीं भर पाए हैं। घोषणा पत्र भरने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। किसानों ने मांग की है कि समय सीमा और बढ़ाई जाए।
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प्रदेश में लगभग 47 लाख गन्ना किसान हैं। पेराई सत्र 2021-2022 के लिए इन सभी को ऑनलाइन घोषणापत्र भरने थे। इसमें रकबा, इंडेंट, पहचान आदि सभी सूचनाएं देनी थी। चूंकि इस कार्य में देरी हो रही थी तो इसके लिए गन्ना विभाग ने कई छूटें दीं। जैसे घोषणापत्र भरते समय खतौनी की छायाप्रति लगाने की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया। पहचान पत्र तक की छायाप्रति अपलोड करने की बाध्यता को भी हटा दिया गया। किसानों को अपना परिचय प्रमाणित कराने के लिए बैंक पास बुक की छायाप्रति लगाने की बाध्यता थी।
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गन्ना विभाग ने इसलिए ये बाध्यताएं समाप्त कीं ताकि गन्ना विभाग की वेबसाइट पर लोड कम रहे और काम जल्दी हो जाए। घोषणापत्र भरने की अंतिम तारीख 30 अक्तूबर थी जो समाप्त हो चुकी है। बावजूद इसके लभग बीस प्रतिशत किसान घोषणापत्र भरने से वंचित रह गए हैं। उनका कहना है कि भारी बारिश, ओलावृष्टि के कारण कभी उन्हें समय नहीं मिल पाया तो कभी सर्वर ने काम नहीं किया। ऐसे में और समय दिया जाना चाहिए। उप्र गन्ना संघ लखनऊ की पूर्व डायरेक्टर मंजू सिंह का कहना है कि किसान बारिश आदि के कारण घोषणापत्र नहीं भर पाए हैं। उन्हें कम से कम 15 दिन का समय और दिया जाना चाहिए। गन्ना विभाग के आला अधिकारियों के सामने भी यह मांग रखी जाएगी।
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