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यूपी: प्रदेश के चार एक्सप्रेसवे जोड़कर बनाया जाएगा देश का पहला एक्सप्रेसवे कॉरिडोर, कैबिनेट से मिली सहमति
Fri, 30 Oct 2026 08:26 PM IST
रोहित मिश्र
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 30 Oct 2026 08:26 PM IST
सार
Expressways in UP:यूपी के चार लिंक एक्सप्रेसवे को जोड़कर देश का पहला एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस मामले में कैबिनेट से सहमति मिल चुकी है।
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यूपी में एक्सप्रेसवे।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का नेटवर्क अब अलग-अलग हिस्सों में बंटा नहीं रहेगा, बल्कि एक-दूसरे से जुड़कर बड़े एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का रूप लेगा। प्रदेश में चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के साथ ही इस दिशा में रास्ता साफ हो गया है। करीब 322 किलोमीटर लंबे इन चार एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 17,542 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनके बनने से आगरा-लखनऊ, गंगा, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। वहीं, जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएगा।
अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार के मुताबिक इस नेटवर्क का सबसे बड़ा फायदा किसानों और कृषि उत्पादों के कारोबार को मिलेगा। खासकर दूध, फल और सब्जियों की ढुलाई तेज होने से इनकी बाजार तक पहुंच आसान होगी। लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद दूध के टैंकर, फल-सब्जियों से लदे रेफ्रिजरेटेड वाहन और अन्य मालवाहक सीधे एक्सप्रेसवे नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगे।
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अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार के मुताबिक इस नेटवर्क का सबसे बड़ा फायदा किसानों और कृषि उत्पादों के कारोबार को मिलेगा। खासकर दूध, फल और सब्जियों की ढुलाई तेज होने से इनकी बाजार तक पहुंच आसान होगी। लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद दूध के टैंकर, फल-सब्जियों से लदे रेफ्रिजरेटेड वाहन और अन्य मालवाहक सीधे एक्सप्रेसवे नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगे।
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इन लिंक एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ा जाएगा
- फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे- 90.90 किमी
- आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल लिंक- 50.94 किमी
- झांसी लिंक एक्सप्रेसवे-106 किमी
- जेवर लिंक एक्सप्रेसवे- करीब 74 किमी
- कुल दूरी- करीब 322 किमी
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इन चार कड़ियों से जुड़ेगा पश्चिम से पूर्व और बुंदेलखंड तक का सफर
- -फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इससे इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद और हरदोई क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।
- -आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क बनाएगा। इससे पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल जाने वाले वाहनों को लखनऊ के शहरी यातायात से गुजरने की जरूरत कम होगी।
- -झांसी लिंक एक्सप्रेसवे झांसी और बुंदेलखंड क्षेत्र को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र और रक्षा औद्योगिक गलियारे तक माल पहुंचाना आसान होगा।
- -जेवर लिंक एक्सप्रेसवे जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इससे यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-एनसीआर के साथ एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
सफर के साथ कारोबार की रफ्तार बढ़ाएगा
एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से तीन घंटे से छह घंटे तक समय की बचत होगी। इसका सीधा असर प्रदेश के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण कारोबार पर भी पड़ेगा। पश्चिमी यूपी के डेयरी उत्पाद, आलू, सब्जियां और फल कम समय में लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और दूसरे बड़े बाजारों तक पहुंचाए जा सकेंगे। इसी तरह पूर्वांचल और बुंदेलखंड के कृषि उत्पादों को पश्चिमी यूपी के बड़े बाजारों और दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचाने का रास्ता सुगम होगा। समय कम लगने से दूध और अन्य जल्दी खराब होने वाले उत्पादों की सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी नए अवसर पैदा होंगे। औद्योगिक इकाइयों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद पहुंचाने में भी सहूलियत होगी।