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Lucknow News: आरएसएम अस्पताल पूरी तरह डिजिटल, मरीजों को मिलेंगी 10 ऑनलाइन सुविधाएं
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राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय।
लखनऊ। साढ़ामऊ स्थित राम सागर मिश्र (आरएसएम) संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को अब पंजीकरण, जांच रिपोर्ट और इलाज से जुड़ी सेवाओं के लिए कागजी प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अस्पताल को पूरी तरह डिजिटलीकरण कर दिया गया है।
यहां 40 कंप्यूटर और प्रिंटर लगाए गए हैं। प्रमुख विभागों में डाटा एंट्री ऑपरेटर तैनात किए गए हैं। मरीजों को ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण, डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड, ऑनलाइन जांच रिपोर्ट और डिजिटल भुगतान समेत 10 प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। मरीजों की सुविधा के लिए पंजीकरण काउंटर दो से बढ़ाकर पांच और फार्मेसी काउंटर दो से बढ़ाकर चार कर दिए गए हैं।
सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और ई-हॉस्पिटल परियोजना के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। इससे मरीजों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा। पैथोलॉजी जांच, दवा वितरण, बेड और वार्ड प्रबंधन के साथ कर्मचारियों की उपस्थिति भी डिजिटल माध्यम से दर्ज होगी। जांच रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध कराने के साथ अस्पताल परिसर में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा भी दी जा रही है।
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21 प्रशिक्षु संभाल रहे डाटा एंट्री का काम
डॉ. शर्मा ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था के संचालन के लिए अलीगंज स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के 21 प्रशिक्षुओं को अप्रेंटिस प्रशिक्षण के तहत लगाया गया है। ये विभिन्न विभागों में डाटा एंट्री का काम कर रहे हैं। पंजीकरण और फार्मेसी के बढ़ाए गए काउंटरों में एक-एक काउंटर जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकारों के लिए आरक्षित किया गया है। इससे मरीजों का समय बचेगा और अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। कागजी काम कम होने से विभागों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा। व्यवस्था लागू करने के लिए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमित महाराज, नोडल अधिकारी डॉ. मिथिलेश यादव, डॉ. स्नेहलता त्रिपाठी और अस्पताल प्रबंधक डॉ. अभिषेक सिंह की टीम बनाई गई है।
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यहां 40 कंप्यूटर और प्रिंटर लगाए गए हैं। प्रमुख विभागों में डाटा एंट्री ऑपरेटर तैनात किए गए हैं। मरीजों को ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण, डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड, ऑनलाइन जांच रिपोर्ट और डिजिटल भुगतान समेत 10 प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। मरीजों की सुविधा के लिए पंजीकरण काउंटर दो से बढ़ाकर पांच और फार्मेसी काउंटर दो से बढ़ाकर चार कर दिए गए हैं।
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सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और ई-हॉस्पिटल परियोजना के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। इससे मरीजों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा। पैथोलॉजी जांच, दवा वितरण, बेड और वार्ड प्रबंधन के साथ कर्मचारियों की उपस्थिति भी डिजिटल माध्यम से दर्ज होगी। जांच रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध कराने के साथ अस्पताल परिसर में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा भी दी जा रही है।
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21 प्रशिक्षु संभाल रहे डाटा एंट्री का काम
डॉ. शर्मा ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था के संचालन के लिए अलीगंज स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के 21 प्रशिक्षुओं को अप्रेंटिस प्रशिक्षण के तहत लगाया गया है। ये विभिन्न विभागों में डाटा एंट्री का काम कर रहे हैं। पंजीकरण और फार्मेसी के बढ़ाए गए काउंटरों में एक-एक काउंटर जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकारों के लिए आरक्षित किया गया है। इससे मरीजों का समय बचेगा और अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। कागजी काम कम होने से विभागों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा। व्यवस्था लागू करने के लिए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमित महाराज, नोडल अधिकारी डॉ. मिथिलेश यादव, डॉ. स्नेहलता त्रिपाठी और अस्पताल प्रबंधक डॉ. अभिषेक सिंह की टीम बनाई गई है।