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Lucknow News: कैंसर संस्थान में साइबरनाइफ रोबोटिक रेडियोथेरेपी मशीन 10 दिन में होगी चालू
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कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान।
लखनऊ। कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में प्रदेश की पहली साइबरनाइफ रोबोटिक रेडियोथेरेपी मशीन का संचालन अगले 10 दिनों में शुरू हो जाएगा। करीब 51 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस मशीन से ब्रेन, फेफड़े समेत शरीर के अन्य हिस्सों में मौजूद जटिल ट्यूमर का बेहद सटीक इलाज हो सकेगा। इसकी खासियत है कि रेडिएशन का असर ट्यूमर तक सीमित रखने से आसपास के स्वस्थ अंगों और कोशिकाओं को नुकसान कम होगा। सरकारी संस्थान में यह सुविधा मिलने से मरीजों को मुंबई, दिल्ली, चेन्नई या विदेश नहीं जाना पड़ेगा।
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शरद सिंह ने शुक्रवार को 37वें यूपीएआरओआईकॉन-2026 सम्मेलन की जानकारी देने के लिए आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि मशीन की कैलिब्रेशन, जांच और ट्रायल पूरे हो चुके हैं। इसकी खरीद प्रक्रिया जनवरी 2025 में ई-टेंडर के जरिये शुरू हुई थी। फरवरी 2026 में मशीन का उद्घाटन किया गया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय ने बताया कि साइबरनाइफ तकनीक से मिलीमीटर से भी कम सटीकता के साथ ट्यूमर पर रेडिएशन दिया जा सकता है। इससे महत्वपूर्ण अंगों के पास मौजूद कैंसर का इलाज आसान होगा। साथ ही ऐसे ट्यूमर का भी उपचार संभव होगा, जिनकी सर्जरी करना जोखिम भरा होता है।
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संस्थान के डीन डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि यहां रोजाना करीब 150 कैंसर मरीज रेडियोथेरेपी की सुविधा लेते हैं। दो लीनियर एक्सीलेरेटर के साथ साइबरनाइफ मशीन जुड़ने से उपचार के विकल्प बढ़ेंगे। इससे संस्थान उत्तर भारत में उन्नत रेडियोथेरेपी के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा।
सम्मेलन में जुटेंगे 300 कैंसर विशेषज्ञ
यूपीएआरओआईकॉन 31 अक्तूबर से पहली नवंबर तक आयोजित होगा। इसमें देशभर के करीब 300 कैंसर विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। सम्मेलन की थीम ''''ट्रांसफॉर्मिंग कैंसर केयर : इंटीग्रेटिंग टेक्नोलॉजी, प्रिसिजन एंड पेशेंट सेंट्रिक ऑन्कोलॉजी'''' रखी गई है। इसमें आधुनिक तकनीक, सटीक रेडियोथेरेपी और कैंसर उपचार की नई पद्धतियों पर चर्चा होगी।
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रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शरद सिंह ने शुक्रवार को 37वें यूपीएआरओआईकॉन-2026 सम्मेलन की जानकारी देने के लिए आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि मशीन की कैलिब्रेशन, जांच और ट्रायल पूरे हो चुके हैं। इसकी खरीद प्रक्रिया जनवरी 2025 में ई-टेंडर के जरिये शुरू हुई थी। फरवरी 2026 में मशीन का उद्घाटन किया गया।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय ने बताया कि साइबरनाइफ तकनीक से मिलीमीटर से भी कम सटीकता के साथ ट्यूमर पर रेडिएशन दिया जा सकता है। इससे महत्वपूर्ण अंगों के पास मौजूद कैंसर का इलाज आसान होगा। साथ ही ऐसे ट्यूमर का भी उपचार संभव होगा, जिनकी सर्जरी करना जोखिम भरा होता है।
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संस्थान के डीन डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि यहां रोजाना करीब 150 कैंसर मरीज रेडियोथेरेपी की सुविधा लेते हैं। दो लीनियर एक्सीलेरेटर के साथ साइबरनाइफ मशीन जुड़ने से उपचार के विकल्प बढ़ेंगे। इससे संस्थान उत्तर भारत में उन्नत रेडियोथेरेपी के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा।
सम्मेलन में जुटेंगे 300 कैंसर विशेषज्ञ
यूपीएआरओआईकॉन 31 अक्तूबर से पहली नवंबर तक आयोजित होगा। इसमें देशभर के करीब 300 कैंसर विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। सम्मेलन की थीम ''''ट्रांसफॉर्मिंग कैंसर केयर : इंटीग्रेटिंग टेक्नोलॉजी, प्रिसिजन एंड पेशेंट सेंट्रिक ऑन्कोलॉजी'''' रखी गई है। इसमें आधुनिक तकनीक, सटीक रेडियोथेरेपी और कैंसर उपचार की नई पद्धतियों पर चर्चा होगी।