फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: The campaign will run for ten days from today to remove the difficulties related to the conservation of animals.

यूपी : छुट्टा जानवरों के संरक्षण से जुड़ी मुश्किलें दूर करने को आज से दस दिन तक चलेगा अभियान

Fri, 23 Jul 2021 12:15 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 23 Jul 2021 12:15 PM IST
सार

सत्ता में आने के कुछ समय बाद से ही योगी सरकार के लिए चुनौती बने छुट्टा गौवंश के संरक्षण से जुड़ी व्यवस्था में खामियों की जांच व सुधार को लेकर 10 दिन की विशेष मुहिम शुरू करने की तैयारी है।

विज्ञापन
UP: The campaign will run for ten days from today to remove the difficulties related to the conservation of animals.
शहर में घूमते पशु। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सत्ता में आने के कुछ समय बाद से ही योगी सरकार के लिए चुनौती बने छुट्टा गौवंश के संरक्षण से जुड़ी व्यवस्था में खामियों की जांच व सुधार को लेकर 10 दिन की विशेष मुहिम शुरू करने की तैयारी है। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अफसरों के निर्देशन में पूरी कार्यवाही शुक्रवार से शुरू होगी। इस समस्या के समाधान को लेकर विभाग के स्तर से यह अब तक सबसे बड़ा प्रयास बताया जा रहा है।

विज्ञापन


‘अमर उजाला’ ने 11 जुलाई के अंक में एक सरकारी रिपोर्ट के जरिए खुलासा किया था कि प्रदेश में छुट्टा पशुओं की समस्या अब भी गंभीर बनी हुई है और पांच लाख पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। साथ ही यह भी बताया था कि कई जिलों में गोवंश संरक्षण केंद्रों का निर्माण हुए लगभग एक वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इनमें एक भी पशु संरक्षित नहीं हैं। विधानसभा चुनाव से पूर्व इस रिपोर्ट ने सरकार की पेशानी पर बल ला दिया है। अब पशुपालन विभाग ने इस समस्या के समाधान को लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार की है।
विज्ञापन


निदेशक पशुपालन डॉ. संतोष कुमार मलिक ने प्रदेश में निराश्रित व बेसहारा गोवंश की सुरक्षा तथा गो आश्रय स्थलों के  सत्यापन, वहां की आवश्यकताओं के आकलन तथा आवश्यक संसाधनों के प्रबंधन से संबंधित कार्यवाही के लिए 10 दिन के विशेष अभियान का एलान किया है। विभाग ने प्रत्येक जिले के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करते हुए उसे 23 जुलाई के  अपराह्न तीन बजे तक प्रत्येक दशा में संबंधित जिले में उपस्थित होने और अगले 10 दिन तक  वहीं कैंप कर कार्ययोजना क्रियान्वयन की कार्यवाही कराने को निर्देशित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रत्येक नोडल अधिकारी कम से कम 30 गौ आश्रय स्थलों का भ्रमण करेंगे। वे दी गई चेकलिस्ट के हिसाब से रिपोर्ट तैयार कर उसका विस्तृत विश्लेषण करेंगे और अपनी रिपोर्ट देंगे। चेक लिस्ट में निराश्रित व बेसहारा गोवंश के  संरक्षण को लेकर वे सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं मांगी गई हैं, जिनसे वहां की खामियों व उल्लेखनीय व्यवस्था का आकलन हो सके।

नोडल अधिकारियों को भी कार्रवाई की चेतावनी
नोडल अधिकारी कार्रवाई की खानापूर्ति न करें इसके लिए उन्हें दो टूक चेतावनी भी दी गई है। कहा गया है कि नोडल अधिकारी भ्रमण के दौरान पाई गई कमियों व त्रुटियों का वास्तविक समाधान सुनिश्चित कराएंगे। नोडल अधिकारी द्वारा की गई समीक्षा और भ्रमण के बाद भी यदि संबंधित गो आश्रय स्थलों व विभागीय कार्यक्रमों में कमी या त्रुटि सामने आई तो जिले में तैनात अधिकारियों के साथ-साथ नोडल अधिकारियों का भी उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।


जनप्रतिनिधियों की लेंगे मदद
नोडल अधिकारियों से कहा गया है कि वे जिले के  भ्रमण के समय वहां उपलब्ध सांसदों, मंत्रियों, विधायकों व शासन स्तरीय उच्चाधिकारियों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी देंगे। विकास खंड के भ्रमण में ब्लाक प्रमुखों से संपर्क कर समस्याओं के निराकरण का आग्रह करेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed