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UP: सेवा सुरक्षा बहाली के लिए भरी हुंकार, लखनऊ पहुंचे प्रदेश भर के शिक्षक, बोले- उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं

Mon, 21 Apr 2025 01:50 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 21 Apr 2025 01:50 PM IST
सार

लखनऊ के ईको गार्डेन में प्रदेश भर के शिक्षक एकत्र हुए और सेवा सुरक्षा बहाली के लिए हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों की सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।

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UP: Teachers from across the state gathered at Eco Garden to demand restoration of service security
लखनऊ में प्रदेश भर से शिक्षक एकत्र हुए। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सेवा सुरक्षा की बहाली के लिए सोमवार को शिक्षकों ने अपनी आवाज बुलंद की। प्रदेश भर से इको गार्डेन में एकत्र हुए शिक्षकों ने शिक्षक सेवा सुरक्षा की धारा 12,18, एवं 21 को नए आयोग में जोड़ने की मांग की। 

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प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम 1982 की धारा 12, 18 एवं 21 को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023 से निष्कासित कर दिया गया है।
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इन तीनों धाराओं के उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023 में न होने से प्रदेश भर के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की सेवा पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब से तीनों धाराएं समाप्त की गई है, प्रदेश में शिक्षकों का निलंबन और बर्खास्तगी का सिलसिला शुरू हो गया है। शिक्षक सेवा सुरक्षा के अभाव में भयभीत हैं। उन्होंने कहा कि सेवा सुरक्षा प्रदान करते हुए अशासकीय माध्यमिकों का पूरी तरह राजकीयकरण किया जाए।
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प्रदेश संरक्षक डॉ. हरिप्रकाश यादव तथा प्रदेश प्रवक्ता श्रवण कुमार कुशवाहा ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम 1982 निरसित होने के कारण सहायक अध्यापक से प्रवक्ता पद पर पदोन्नति बीते डेढ़ वर्ष से बंद है और इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 प्रभावी है। 1921 के एक्ट के तहत जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा सेवा संबंधी प्रकरणों में निर्णय दिए जा रहे हैं जबकि इस अधिनियम के अधीन निर्मित विनिमय में उल्लेखित पदोन्नति के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है।


प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र वर्मा और प्रदेश मंत्री संदीप शुक्ल ने कहा कि सेवा सुरक्षा की धारा 21 समाप्त होने से प्रदेश में शिक्षकों का शोषण एवं उत्पीड़न चरम पर है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर दीपक सिंह पुंडीर, प्रदेश मंत्री प्रमोद कुमार पाठक, पंकज सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, प्रमोद पाल, सुधाकर ज्ञानार्थी, बिरजू सरोज, विजय जायसवाल, देवराज सिंह, मन्नालाल शाक्य, अजय वर्मा, सुशील कुमार, जयराम यादव, सृष्टि राज दुबे, अनिल यादव, सुरेश सिंह, कृष्णदत्त त्रिपाठी, सुभाष सिंह यादव, अटेवा के प्रदेश संगठन मंत्री भूरी सिंह एवं राजेश जायसवाल ने संबोधित किया।

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