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यूपी का अनुपूरक बजट: नए एक्सप्रेसवे, छात्राओं को मुफ्त स्कूटी और ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं पर फोकस
Mon, 03 Aug 2026 10:29 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 03 Aug 2026 10:29 PM IST
सार
राज्य सरकार वर्ष 2026-27 के अपने पहले अनुपूरक बजट में विकास योजनाओं को गति देने के लिए खजाना खोल सकती है। इसमें अकेले वीबी-ग्राम जी के लिए 13,902.46 करोड़ रुपये और मनरेगा सामग्री मद में 2,500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
यूपी विधानमंडल के दोनों सदनों में मंगलवार को राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी, जिसका आकार 50 से 70 हजार करोड़ रुपये तक हो सकता है। केवल ग्राम्य विकास विभाग को ही 16 हजार करोड़ से अधिक रुपये देने का प्रावधान किया जाना है। राज्य सरकार वर्ष 2026-27 के अपने पहले अनुपूरक बजट में विकास योजनाओं को गति देने के लिए खजाना खोल सकती है। वह अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं जैसे नए एक्सप्रेसवे, छात्राओं को मुफ्त स्कूटी, ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं वाली योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी आदि के लिए बजट में प्रावधान करने जा रही है।
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इस वित्त वर्ष के पहले अनुपूरक बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास से जुड़ी योजनाओं को खास तवज्जो मिलने जा रही है। इसके तहत मनरेगा और वीबी-ग्राम जी के लिए कुल 16402.46 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग रखी गई है। इसमें अकेले वीबी-ग्राम जी के लिए 13,902.46 करोड़ रुपये और मनरेगा सामग्री मद में 2,500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। वीबी-ग्राम जी के तहत सबसे बड़ा प्रावधान सामग्री मद में 5,445.85 करोड़ रुपये का है। इसके अलावा श्रमांश (अन्य) के लिए 4,609.37 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति श्रमांश के लिए 2,675.63 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति श्रमांश के लिए 133.78 करोड़ रुपये और प्रशासनिक मद में 1,037.83 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित है। मनरेगा के लिए सामग्री मद में 2,500 करोड़ रुपये की मांग रखी गई है।
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अधूरी योजनाओं को पूरा करने पर भी रहेगा जोर
अनुपूरक बजट में नई योजनाओं के साथ चालू वित्तीय वर्ष में पहले से स्वीकृत योजनाओं को गति देने और अधूरी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था पर भी सरकार का जोर रहने की संभावना है। खासतौर पर अवस्थापना, औद्योगिक विकास, ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अतिरिक्त बजट का प्रावधान किए जाने की तैयारी है।