अनामिका शुक्ला मामला: फर्जी नौकरी दिलवाने वाला पुष्पेंद्र साथियों संग गिरफ्तार
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यूपी एसटीएफ ने अनामिका प्रकरण का पटाक्षेप करते हुए सोमवार को तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान पता चला है कि सिर्फ अनामिका ही नहीं अन्य अभ्यर्थियों की डिग्रियों का भी इस्तेमाल करके फर्जी तरीके से नौकरी हासिल की गई।
हर नौकरी के एवज में दो से तीन लाख रुपये लिए जाते थे। एसटीएफ ने सरगना मैनपुरी निवासी पुष्पेंद्र और बेसिक शिक्षा विभाग के दो बाबुओं जौनपुर बीएसए कार्यालय में तैनात आनंद व हरदोई बीएसए कार्यालय में तैनात रामनाथ को गिरफ्तार किया है।
UP Special Task Force (STF) has arrested three people - Pushpendra, Anand & Ramnath in connection with Anamika Shukla fraud case, in which several teachers got appointed in Kasturba Gandhi Balika Vidyalayas across the state with the documents of one person. (Pic Source: STF) pic.twitter.com/oEB67RI2TA
विज्ञापन विज्ञापन— ANI UP (@ANINewsUP) June 16, 2020
पूछताछ में पुष्पेंद्र ने बताया कि वह खुद फर्रुखाबाद में फर्जी टीचर बनकर सुशील के नाम से 2014 से नौकरी कर रहा है। पुष्पेंद्र ने बताया कि 2010 में उसकी मुलाकात बेसिक शिक्षा कार्यालय हरदोई में तैनात प्रधान लिपिक रामनाथ से हुई थी।
रामनाथ ने पुष्पेंद्र की मुलाकात जौनपुर में जिला समन्वयक अधिकारी आनंद से कराई। जौनपुर में कस्तूरबा गांधी विद्यालय में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का आवेदन पत्र व शैक्षिक दस्तावेज आनंद सिंह की कस्टडी में होता था। काउंसलिंग में शामिल न होने पर अनामिका के दस्तावेज आनंद सिंह ने रामनाथ को उपलब्ध करा दिए।
रामनाथ ने पुष्पेंद्र की मदद से बबली को अनामिका बनाकर अलीगढ़ में और बबली की ननद सरिता को अनामिका बनाकर प्रयागराज में, दीप्ति को वाराणसी में, प्रिया को कासगंज में 2-2 लाख रुपये लेकर नौकरी दिलाई थी। पुष्पेंद्र ने अपने भाई जसवंत को विभव कुमार के नाम से फर्जी तरीके से नौकरी दिला दी थी। इस मामले में अन्य की भी तलाश की जा रही है।
फिलहाल जहां-जहां के बारे में जानकारी मिली है, उसका ब्यौरा इकट्ठा किया जा रहा है। सत्यसेन ने बताया कि प्रीति यादव के भी शैक्षिक दस्तावेज इस्तेमाल कर जौनपुर और आजमगढ़ में दो लोगों को फर्जी तरीके से नौकरी दिलाई गई है।
ऐसे खुला पूरा मामला
एसटीएफ के प्रभारी एसएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि गोंडा की रहने वाली अनामिका ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अंशकालिक शिक्षक पद के लिए 2017 में सुल्तानपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, बस्ती और लखनऊ में आवेदन किया था। जिसमें सुल्तानपुर, जौनपुर व लखनऊ से काउंसिलिंग के लिए काल आई।
स्वास्थ कारणों से अनामिका कहीं भी काउंसिलिंग में शामिल नहीं हुई। जिसके बाद अनामिका के दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया। मूल अनामिका ने अपने दस्तावेज के दुरुपयोग की एफआईआर गोंडा में कराई। जिसके बाद कासगंज से अनामिका के दस्तावेजों पर नौकरी कर रही प्रिया को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रिया ने पुष्पेंद्र उर्फ राज के बारे में बताया। इसी दौरान अलीगढ़ से भी अनामिका के नाम पर नौकरी कर रही बबली गिरफ्तार हुई उसने भी पुष्पेंद्र का नाम लिया जिसके बाद कड़ियां से कड़ियां जुडने लगीं और एसटीएफ पुष्पेंद्र व उसके साथियों तक पहुंच गई। पुष्पेंद्र, आनंद और रामनाथ ने अपना-अपना गुनाह कुबूल किया है।