फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP STF arrested two soldiers of army for making fraud on the name of job

भर्ती के नाम पर ठगने वाले सेना के दो जवान गिरफ्तार, बरामद हुआ ये सब सामान

Fri, 28 Feb 2020 11:45 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 28 Feb 2020 11:45 AM IST
विज्ञापन
UP STF arrested two soldiers of army for making fraud on the name of job
एसटीएफ की गिरफ्त में आए जवान - फोटो : अमर उजाला

यूपी एसटीएफ ने भर्ती कराने के नाम बेरोजगारों से ठगी करने वाले सेना के दो जवानों को कैंट क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया रोहित पांडेय अंतू प्रतापगढ़ का और रंजीत सिंह गोंडा का रहने वाला है। आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि पिछले दिनों संतकबीरनगर निवासी दिनेश चौहान ने कैंट थाने पर एफआईआर दर्ज कराई थी।

विज्ञापन


इसमें उसने बताया था कि वह पिछले वर्ष अक्तूबर-नवंबर में सेना के अमेठी स्थित प्रशिक्षण केंद्र पर हो रही भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुआ था। मेडिकल में अनफिट होने पर रिमेडिकल के लिए बेस हॉस्पिटल, लखनऊ आया था। यहां उसकी मुलाकात आर्मी के दो जवानों रोहित कुमार पाण्डेय व उसके दोस्त से हुई।
विज्ञापन


दोनों से मेडिकल में पास कराने व भर्ती कराने के लिए चार लाख रुपये में बात तय हो गई। इसके बाद दिनेश ने अपने मूल दस्तावेज व एक लाख 69 हजार रुपये दोनों को दे दिए। मेरिट में नाम आने के बाद दोनों और पैसे मांगने लगे। रकम न देने पर मूल प्रमाणपत्र न देने की धमकी भी देने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर इसमें कार्रवाई के लिए एसटीएफ से सहयोग मांगा गया था। इसके बाद एसटीएफ ने बुधवार शाम कैंट के तोपखाना इलाके से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे सेना में सिपाही हैं और दोस्त हैं।
 

जब लखनऊ व अमेठी में आर्मी की भर्ती होती है तो मेडिकल में टेम्परेरी अनफिट अभ्यर्थियों का रिमेडिकल बेस कमांड हॉस्पिटल, लखनऊ में होता है। जो अभ्यर्थी मेडिकल के लिए आते हैं, उनसे बात करके पास कराने का वादा करते हैं।

उनमें से जो अभ्यर्थी अपने आप मेडिकल में पास हो जाते हैं, उन्हें मेरिट में लाने का झांसा देकर मूल दस्तावेज ले लेते हैं। उनमें से जब कुछ का नाम मेरिट में भी आ जाता है, तो उनसे पैसे लेकर उनका मूल दस्तावेज वापस कर देते हैं। जिन अभ्यर्थियों का नाम मेरिट में नहीं आता उन्हें अगली भर्ती में एडजस्ट कराने का वादा कर और पैसे लेकर मूल दस्तावेज लौटा देते थे।

एसटीएफ ने दोनों जवानों को कैंट थाने में बंद करा दिया है। इनके पास से बिना नंबर की सफारी गाड़ी, एक मोटर साइकिल, चार मोबाइल, एक एटीएम, आधार कार्ड, पैनकार्ड, डीएल, आर्मी भर्ती के दो प्रवेश पत्र, तीन अभ्यर्थियों की मार्कशीट बरामद हुई है।

पहले भी पकड़ा जा चुका है फर्जीवाड़ा

राजधानी में आर्मी और आर्डिनेंस फैक्ट्रियों में भर्ती के नाम पर 27 जनवरी 2015 को बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। आलमबाग थाना में असिस्टेंट कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स एपी मिश्रा ने अकाउंट अफसर जेएस दुबे और क्लर्क मनीष कुमार सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसके बाद मामले की छानबीन में पता चला था कि अकाउंट अफसर और क्लर्क ने बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर रुपया ऐंठा था। ऐसे 17 पीड़ित सामने आए थे जिनसे प्रति व्यक्ति तीन-तीन लाख रुपये लिए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed