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यूपी: प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, दिव्यांग बच्चों को 600 रुपये महीने मिलेगा एस्कार्ट एलाउंस; इन्हें मिलेगा लाभ

Tue, 29 Jul 2025 09:17 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 29 Jul 2025 09:17 PM IST
सार

Disabled children of UP: सरकार ने वर्ष 2025-26 में परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को यह सुविधा दी है। 
 

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UP: State government's big decision, Divyang children will get escort allowance of Rs 600 per month; These peo
दिव्यांग बच्चों को राहत देने की कोशिश। डेमो पिक। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 ऐसे दिव्यांग बच्चे जो अकेले स्कूल नहीं जा सकते हैं, उनको अब एक सहायक व्यक्ति के लिए एस्कार्ट एलाउंस दिया जाएगा। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के दिव्यांग बच्चों को समग्र शिक्षा के तहत 600 रुपये महीना यह एलाउंस दिया जाएगा। दृष्टिहीन, बौद्धिक रूप से दिव्यांग, सेरेब्रल पाल्सी पीडित, जेई-एईएस प्रभावित व अन्य दिव्यांगता वाले बच्चों को यह सहायता 10 महीने तक दी जाएगी।

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सरकार ने वर्ष 2025-26 में परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के कक्षा 1 से 8 तक के 13,991 गंभीर और बहु-दिव्यांग छात्र-छात्राओं को एस्कॉर्ट एलाउंस योजना के अंतर्गत 839.46 लाख की सहायता स्वीकृत की है। इससे इन दिव्यांग बच्चों को नियमित स्कूल आने में काफी सहयोग मिलेगा। वह अपनी सुविधा के अनुसार किसी सहयोगी का चयन कर सकेंगे। यह योजना 30 सितंबर तक क्रियान्वित हो जाएगी।
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इस योजना में दिव्यांग बच्चों को 600 प्रतिमाह डीबीटी से सहायता दी जाएगी। इस योजना का क्रियान्वयन प्रेरणा और समर्थ पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। जहां पहले बच्चों की पात्रता पुष्टि की जाएगी। 40 फीसदी या उससे अधिक की दिव्यांगता प्रमाणित करने वाले दस्तावेज़ बच्चों को देने होंगे। विद्यालयों में नियमित उपस्थिति भी इस योजना की पात्रता की प्रमुख शर्त है।
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बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए विद्यालय से लेकर जिला स्तर तक हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की गई हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक पात्र छात्र-छात्राओं को चिह्नित करेंगे। खंड शिक्षा अधिकारी उसे सत्यापित करेंगे और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंतिम अनुमोदन करेंगे। इसके बाद पीएफएमएस पोर्टल से आधार सत्यापन और बैंक वेरिफिकेशन कर भुगतान किया जाएगा।

स्कूलों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए होंगे रैंप

योगी सरकार ने आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक विभाग को निर्देशित किया है कि सभी सरकारी वेबसाइटों को दिव्यांगजन फ्रेंडली बनाया जाए। साथ ही यह भी कहा है कि स्कूलों के विलय की प्रक्रिया के दौरान दिव्यांग बच्चों का विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाए और उनकी विद्यालय तक पहुंच के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। तमाम प्राथमिक विद्यालयों में रैंप का निर्माण कराया जा चुका है, जिससे व्हीलचेयर पर निर्भर बच्चों को भी सुविधा हो रही है।

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