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यूपी: ऑपरेशन के बाद मरीज के पेट में छोड़ दिया था स्पंज, राज्य उपभोक्ता आयोग ने दिया 47 लाख देने का आदेश

Thu, 30 May 2024 03:45 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 30 May 2024 03:45 PM IST
सार

Consumer Commission : ऑपरेशन के दौरान और डॉक्टर और उनकी टीम की लापरवाही से मरीज की जान खतरे में पड़ गयी। इस मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग ने बड़ा जुर्माना लगाया है। 

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UP: Sponge left in stomach after operation, State Consumer Commission ordered to give Rs 47 lakh
ऑपरेशरन के दौरान की लापरवाही। डेमो पिक। - फोटो : iStock

विस्तार

सुल्तानपुर की पूजा वर्मा के सिजेरियन ऑपरेशन के बाद डॉक्टर की लापरवाही से उनकी जान खतरे में पड़ गई। सुल्तानपुर के लाल मणि हास्पिटल में आपरेशन के बाद उनके पेट में स्पंज का बड़ा टुकड़ा छोड़ दिया और टांके लगाकर घर भेज दिया। असहनीय दर्द होने पर उन्होंने केजीएमयू में दिखाया, जहां तमाम जांचों के बाद पता चला कि उनके पेट में स्पंज का टुकड़ा है, जिस वजह से इंफेक्शन हो गया है। दोबारा ऑपरेशन कर बड़ी मुश्किल से जान बचाई जा सकी। राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अस्पताल को अलग-अलग मदों में 31.25 लाख रुपये मय ब्याज के देने का आदेश दिया। ब्याज सहित हर्जाने की राशि करीब 47 लाख रुपये होगी।

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33 वर्षीय पूजा लाल मणि अस्तपाल की सेवाएं ले रहीं थी। 5 जनवरी को प्रसव पीड़ा हुई और डॉक्टर ने पहले नार्मल डिलीवरी बताकर उनका आपरेशन कर दिया। 13 जनवरी को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। पेट में भीषण दर्द होने पर केजीएमयू गईं। वहां अल्ट्रासाउंड में पाया गया कि आपरेशन के दौरान पेट में स्पंज छोड़ दिया गया है। इस वजह से आंतों में इंफेक्शन हो गया और उनकी जान पर बन आई। डॉक्टर की सलाह पर 28 जनवरी को पुन: आपरेशन किया गया और 7 फरवरी को डिस्चार्ज किया गया।
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पूजा ने आयोग में अपील की। दोनों पक्षों की सुनवाई के दौरान अस्पताल की तरफ से कोई दलील नहीं दी गई। तब न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने आदेश दिया कि 30 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में, एक लाख रुपये आर्थिक प्रताड़ना के रूप में और 25 हजार रुपये वाद व्यय में अस्पताल पीड़िता को दे। इस राशि पर पूर्व की तारीख से 9 फीसदी सालाना ब्याज भी देना होगा।

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