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यूपी: परिषदीय स्कूलों की परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित, इस बार पैरेंट्स को दिखाई जाएंगी बच्चों की कॉपियां
Thu, 22 Feb 2024 07:32 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 22 Feb 2024 07:32 PM IST
सार
यूपी के परिषदीय स्कूलों की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया। परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू होंगी। इस बार परीक्षाओं में एक नया बदलाव किया गया है।
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प्राइमरी स्कूल के विद्यार्थी।
विस्तार
प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। कक्षा एक से आठ की वार्षिक परीक्षाएं 16 से 21 मार्च के बीच होंगी। पूरी परीक्षा 50 नंबर की होगी। इसके लिए जिला स्तर पर डायट के माध्यम से पेपर तैयार किए जाएंगे। पेपर में बहुविकल्पीय, अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय व दीर्घ उत्तरीय प्रश्न होंगे। शासन ने इसके लिए मॉडल पेपर भी जारी किया है।
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शासन के अनुसार कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा सिर्फ मौखिक होगी। कक्षा दो व तीन में मौखिक व लिखित परीक्षा होगी। इसके अंक 50-50 फीसदी होंगे। कक्षा चार-पांच में मौखिक व लिखित परीक्षा होगी। इसके अंक 30-70 फीसदी होंगे। कक्षा छह से आठ की परीक्षा सिर्फ लिखित ही होगी। इसमें पूरे नंबर लिखित परीक्षा के ही दिए जाएंगे। खंड शिक्षा अधिकारी प्रश्न पत्र 14 मार्च तक विद्यालयों को उपलब्ध कराएंगे।
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बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने सभी बीएसए को निर्देश दिया है कि लिखित परीक्षा ढाई घंटे की होगी। मौखिक परीक्षा की अवधि प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार तय करेंगे। कक्षा सात तक की वार्षिक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन विद्यालय के ही शिक्षक करेंगे। कक्षा आठ की कॉपियों का मूल्यांकन विकास खंड स्तर पर अन्य संकुल के शिक्षकों से कराया जाएगा।
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मूल्यांकन कार्य परीक्षा के साथ ही शुरू कर दिया जाएगा और 31 मार्च को परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि कक्षा एक से आठ के किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं किया जाएगा। वार्षिक परीक्षाफल जारी करने के समय छात्र-अभिभावकों की बैठक की जाएगी। इसमें उन्हें मूल्यांकन की गई कॉपियां दिखाई जाएंगी और इसके बाद उन्हें रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा। शुचितापूर्ण वार्षिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक, बीईओ व बीएसए जिम्मेदार होंगे।