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यूपी : ड्रोन से तैयार होंगे ग्रामीण आवासीय अभिलेख, 37 जिलों में काम शुरू 

Wed, 02 Sep 2020 11:00 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Mohit Mudgal Updated Wed, 02 Sep 2020 11:00 PM IST
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UP: Rural residential records will be prepared from drones, work started in 37 districts
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

प्रदेश में ड्रोन से सर्वे के बाद ग्रामीण आवासीय अभिलेख (घरौनी) को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रदेश के 37 जिलों के 379 गांवों में हवाई सर्वेक्षण कर लिया गया है। इस पर ग्रामीणों की आपत्तियों के निराकरण केबाद घरौनी तैयार की जाएगी।

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राजस्व परिषद के अध्यक्ष दीपक त्रिवेदी ने बताया कि भारत सरकार की स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी के सर्वेक्षण एवं अभिलेख तैयार करने के लिए 82913 गांवों को अधिसूचित किया गया है। सर्वेक्षण टीम ग्रामवासियों के सहयोग से सभी ग्रामीणों की संपत्तियों को अलग-अलग दर्शाने के लिए चूना लाइनिंग से मार्किंग करेगी। इसके बाद भारतीय सर्वेक्षण विभाग की टीम ड्रोन से हवाई सर्वेक्षण करेगी। ड्रोन से लिए गए फोटो के आधार पर गांव के आबादी क्षेत्र का प्रारंभिक मानचित्र तैयार किया जाएगा।
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ड्रोन की सहायता से बने प्रारंभिक मानचित्र के भौतिक सत्यापन के लिए लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी व राजस्व निरीक्षक घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे। गांव की व्यक्तिगत, संस्थागत, अर्द्धसरकारी एवं सरकारी संपतियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। भौतिक सत्यापन की त्रुटियों का निराकरण कर संशोधित मानचित्र तैयार किया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक भूखंड एवं भवन का क्षेत्रफल एवं स्थिति दर्शाते हुए गांव की आबादी के क्षेत्र की सभी संपतियों का अभिलेख तैयार किया जाएगा।
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राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि सभी संपत्तियों के अभिलेखों में त्रुटियों का निराकरण कर प्रारंभिक ग्रामीण आवासीय अभिलेख तैयार किया जाएगा। इस पर ग्रामीणों को 15 दिन का समय देते हुए आपत्तियां मांगी जाएंगी। जिन आबादी भवनों व भूखंडों के संबंध में कोई विवाद नहीं होगा, उनके ग्रामीण आवासीय अभिलेख (घरौनी)  को अंतिम रूप दिया जाएगा।


सहायक अभिलेख अधिकारी (एसडीएम) एवं अभिलेख अधिकारी (डीएम) सुनिश्चित करेंगे कि घरौनी एवं आबादी मानचित्र में कोई त्रुटि शेष न रह जाए। दीपक त्रिवेदी ने बताया कि घरौनी तैयार होने केबाद ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी। भवन व भूखंड के प्रमाणिक दस्तावेजों का उपयोग बैंक से ऋण लेने में किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 37 जिलों में 379 ग्रामों में हवाई सर्वेक्षण के बाद उप जिलाधिकारी आपत्तियों की सुनवाई कर उनका निराकरण कर रहे हैं। इसके बाद घरौनी को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

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