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UP: 'जल जीवन मिशन' में बढ़ेगी पंचायतों की भागीदारी, सस्ती परिवहन सेवा से 59 हजार पंचायतों को जोड़ने की तैयारी

Fri, 13 Mar 2026 09:31 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Fri, 13 Mar 2026 09:31 PM IST
सार

जल जीवन मिशन 2.0 को प्रभावी बनाने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बैठक हुई, जिसमें ग्राम पंचायतों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस दौरान स्वतंत्र देव ने बताया कि प्रदेश में करोड़ों ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाया जा रहा है।

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UP: Rural Panchayats' Participation to Increase in 'Jal Jeevan Mission-2.0'; Swatantra Dev Holds Deliberations
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जल जीवन मिशन-2.0 भविष्य में किस तरह से योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए आगे काम करेगा और ग्राम पंचायतों और स्थानीय जल समितियों की भागीदारी को कैसे बढ़ाया जाएगा, इन मुद्दों पर शुक्रवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सभी राज्यों के मंत्रियों और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिवों के साथ वर्चुअल माध्यम से मंथन किया। बैठक में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव ने हिस्सा लिया।

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बैठक में मंत्रालय के अधिकारियों ने जल जीवन मिशन-2.0 की रूपरेखा सभी राज्यों के सामने रखते हुए राज्यों से योजना को बेहतर तरीके से धरातल पर उतारने के सुझाव मांगे। इस दौरान जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि यूपी देश में सबसे अधिक नल से जल कनेक्शन देने वाला राज्य बन गया है। 
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प्रदेश में 2.43 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। विन्ध्य-बुंदेलखंड क्षेत्र में 95 प्रतिशत से अधिक घरों तक नल से जल की सप्लाई की जा रही है। इसके अलावा 100 प्रतिशत जलापूर्ति वाले गांवों में जल अर्पण का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
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जिसमें जलापूर्ति की पूरी व्यवस्था ग्राम पंचायत को हैंडओवर की जा रही है।  बता दें कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाते हुए इसे जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस योजना पर कुल 8.69 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

 

गांवों तक पहुंचेगी सस्ती परिवहन सेवा

प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने शुक्रवार को अफसरों संग बैठक कर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत सभी ग्राम पंचायतों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने के लिए तेजी से कार्य करें, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुगम और सस्ती परिवहन सुविधा मिल सके।

योजना भवन स्थित एनआईसी सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये योजनाओं व सड़क सुरक्षा की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत को परिवहन सुविधा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत संचालित होने वाले वाहनों को मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 66(1) के तहत परमिट की अनिवार्यता से छूट दी गई है। प्रदेश की करीब 59,163 ग्राम पंचायतों को परिवहन सेवा से जोड़ा जाएगा। 

इसके लिए 15 से 28 सीट क्षमता वाले डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन किया जाएगा। साथ ही उन ग्रामीण मार्गों पर निजी बस संचालकों की मदद ली जाएगी, जहां परिवहन निगम की बसें कम चलती हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव परिवहन अर्चना अग्रवाल, परिवहन आयुक्त किंजल सिंह और परिवहन निगम के एमडी प्रभु एन सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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