{"_id":"6040f430cc3b95530c24ce46","slug":"up-relief-of-double-stamp-duty-on-auctioned-plots-only-sales-letter-required-for-nomination","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी : नीलामी वाले भूखंडों पर दोहरे स्टांप शुल्क से राहत, नामांतरण के लिए सिर्फ विक्रय पत्र जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : नीलामी वाले भूखंडों पर दोहरे स्टांप शुल्क से राहत, नामांतरण के लिए सिर्फ विक्रय पत्र जरूरी
Thu, 04 Mar 2021 08:22 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 04 Mar 2021 08:22 PM IST
विज्ञापन
रजिस्ट्री के लिए उमड़े लोग (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के निवेशकों को दोहरे स्टांप शुल्क के भुगतान से राहत मिलेगी। यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने प्राधिकरण बोर्ड से अनुमति मिलने की उम्मीद में इससे संबंधित गाइडलाइन जारी कर दी है। प्रदेश के औद्योगिक विकास क्षेत्रों में स्थित इकाइयों की भूमि व परिसंपत्तियों के संबंध में कर्ज वसूली अधिकरण, न्यायालयों, वित्तीय संस्थानों व जिला प्रशासन द्वारा नीलामी के आदेश दिए जाते हैं। नीलामी से बेची गई संपत्ति को क्रेता के पक्ष में प्राधिकरण के स्तर से नामांतरण किया जाता है। इसके लिए नीलामीकर्ता द्वारा जारी विक्रय पत्र ही आवश्यक होगा। पंजीकृत सेलडीड की अनिवार्यता नहीं होगी।
ऐसे मामले जिनमें नीलामीकर्ता ने विक्रय पत्र जारी कर दिया है, उन भूखंडों को क्रेता के पक्ष में नामांतरण के लिए 30 दिन के भीतर प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन करना होगा। प्राधिकरण सात दिन के अंदर क्रेता के पक्ष में पूर्व आवंटी के लीज अधिकार बाकी लीज अवधि के लिए हस्तांतरित करने की कार्यवाही करेगा।
इसके लिए प्राधिकरण पूर्व आवंटी पर बकाया समस्त देयों के एकमुश्त भुगतान, विक्रय तिथि के बाद क्रेता द्वारा हस्तांतरण लेवी, समय विस्तारण शुल्क, अनुरक्षण शुल्क, लीजरेट व अन्य समस्त देयों को प्राप्त कर क्रेता के पक्ष में लीज डीड जारी कर देगा। जिन मामलों में स्टांप शुल्क का भुगतान कर नीलामीकर्ता द्वारा सेलडीड जारी कर पंजीकृत करा लिया गया है, ऐसे प्रकरण में क्रेता के पक्ष में भूखंड नामांतरण के दिशानिर्देश भी तय कर दिए गए हैं। ऐसे क्रेता से प्राधिकरण द्वारा कोई पूरक/लीज डीड/संशोधन डीड जारी कराने के लिए नहीं कहा जाएगा। भूखंड के क्रेता द्वारा भूखंड पर देय हस्तांतरण लेवी की दर शून्य होगी। रिक्त भूखंडों पर नामांतरण शुल्क की दर प्रचलित प्रीमियम दर का 15 प्रतिशत होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे मामले जिनमें नीलामीकर्ता ने विक्रय पत्र जारी कर दिया है, उन भूखंडों को क्रेता के पक्ष में नामांतरण के लिए 30 दिन के भीतर प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन करना होगा। प्राधिकरण सात दिन के अंदर क्रेता के पक्ष में पूर्व आवंटी के लीज अधिकार बाकी लीज अवधि के लिए हस्तांतरित करने की कार्यवाही करेगा।
विज्ञापन
इसके लिए प्राधिकरण पूर्व आवंटी पर बकाया समस्त देयों के एकमुश्त भुगतान, विक्रय तिथि के बाद क्रेता द्वारा हस्तांतरण लेवी, समय विस्तारण शुल्क, अनुरक्षण शुल्क, लीजरेट व अन्य समस्त देयों को प्राप्त कर क्रेता के पक्ष में लीज डीड जारी कर देगा। जिन मामलों में स्टांप शुल्क का भुगतान कर नीलामीकर्ता द्वारा सेलडीड जारी कर पंजीकृत करा लिया गया है, ऐसे प्रकरण में क्रेता के पक्ष में भूखंड नामांतरण के दिशानिर्देश भी तय कर दिए गए हैं। ऐसे क्रेता से प्राधिकरण द्वारा कोई पूरक/लीज डीड/संशोधन डीड जारी कराने के लिए नहीं कहा जाएगा। भूखंड के क्रेता द्वारा भूखंड पर देय हस्तांतरण लेवी की दर शून्य होगी। रिक्त भूखंडों पर नामांतरण शुल्क की दर प्रचलित प्रीमियम दर का 15 प्रतिशत होगा।
विज्ञापन