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यूपी: पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर खरीद में घपले की जांच शुरू

Sat, 12 Sep 2020 02:04 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Sat, 12 Sep 2020 02:04 PM IST
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UP: Pulse oximeter, thermometer purchase started to investigate scams
घोटाला - फोटो : amar ujala
पंचायतों के लिए पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीदने में हुए घपले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। एसआईटी की अध्यक्ष व अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने शासन व सभी जिलों में खरीदे गए पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर के रेट की जानकारी मांगी है। यह भी पूछा गया कि किस कंपनी से ये उपकरण खरीदे गए। इनकी खरीद किस स्तर पर हुई?
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प्रदेश के अधिकतर जिलों में डीपीआरओ ने पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर खास कंपनियों या फर्मों से खरीदकर ग्राम पंचायतों को भिजवाईं गई। इनके बिल का भुगतान ग्राम पंचायतों ने किया है। ये चिकित्सा उपकरण बाजार से महंगी दरों पर खरीदे गए हैं। लंभुआ (सुल्तानपुर) के भाजपा विधायक देवमणि द्विवेदी ने जब इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की तो जांच प्रारंभ हुई। 
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अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने प्रारंभिक तौर पर बाजार से काफी ज्यादा मूल्य पर मेडिकल उपकरण खरीदने पर 7 सितंबर को सुल्तानपुर व गाजीपुर के डीपीआरओ को निलंबित कर दिया। अन्य जिलों में महंगी दरों पर पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीद का मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसकी जांच के लिए अपर मुख्य सचिव, राजस्व रेणुका कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। ब्यूरो
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ये उठ रहे सवाल
- पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीदने का आदेश 23 जून को जारी हुआ। बड़े स्तर पर खरीद होने के बाद भी इन्हें खरीदने के लिए नीति का निर्धारण नहीं हुआ।
- डीएम या डीपीआरओ को खरीद प्रक्रिया व प्रति यूनिट न्यूनतम रेट को लेकर समय से स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए।
- जैम पोर्टल से भी खरीद प्रक्रिया नहीं कराई गई।
- चिकित्सा उपकरण ही नहीं, मास्क व सैनिटाइजर की खरीद में भी ग्राम पंचायतों की भूमिका नहीं रही। पंचायतों में ये उपकरण और बिल पंचायत सचिव के मार्फत पहुंचे।

- 24 जुलाई को अलीगढ़ के सीडीओ द्वारा 2800 रुपये में चिकित्सा उपकरण  क्रय करने की जानकारी देने के बाद भी पंचायतों द्वारा बढ़ी दर पर भुगतान किया जाता रहा। कुछ स्थानों पर खरीद भी हुई।
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