{"_id":"6850292799589bdf1a0f595e","slug":"up-primary-schools-of-the-state-opened-from-today-timings-changed-after-continuous-demand-now-holidays-will-2025-06-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: आज से खुले प्रदेश के प्राइमरी स्कूल, लगातार मांग के बाद बदला गया समय; अब इस समय होगी छुट्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: आज से खुले प्रदेश के प्राइमरी स्कूल, लगातार मांग के बाद बदला गया समय; अब इस समय होगी छुट्टी
Mon, 16 Jun 2025 10:27 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 16 Jun 2025 10:27 PM IST
सार
UP Primary School: यूपी के प्राइमरी स्कूल आज से खुल गए हैं। शिक्षकों के लिए अवकाश की मांग के बीच स्कूलों का समय 30 जून तक बदल दिया गया है।
विज्ञापन
आज से खुल गए हैं यूपी के प्राइमरी स्कूल।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
प्रदेश के परिषदीय स्कूल सोमवार 16 जून से खुल गए हैं। हालांकि अभी शिक्षक-कर्मचारी ही स्कूल आ रहे हैं। किंतु भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय में 30 जून तक बदलाव किया गया है। अब स्कूल सुबह 7.45 से दोपहर 12.30 बजे तक चलेंगे।
बेसिक शिक्षा परिषद सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी के अनुसार शिक्षकों, शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी 30 जून तक निर्धारित समय में शैक्षणिक व प्रशासकीय कार्य पूरा करेंगे। अभी स्कूलों का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक है। हालांकि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में संशोधन का क्या लाभ, जब शिक्षक कई किलोमीटर दूर से स्कूल जाएगा ही।
वहीं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम प्रकाश साहू व प्रदेश महामंत्री आलोक सिंह यादव ने कहा है कि इस समय बुंदेलखंड सहित प्रदेश के सभी जिलों में भीषण गर्मी (हीट वेव) है। उन्होंने कहा कि इस गर्मी में शिक्षकों को स्कूल आने का आदेश पूरी तरह अमानवीय व अव्यवहारिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा परिषद सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी के अनुसार शिक्षकों, शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी 30 जून तक निर्धारित समय में शैक्षणिक व प्रशासकीय कार्य पूरा करेंगे। अभी स्कूलों का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक है। हालांकि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में संशोधन का क्या लाभ, जब शिक्षक कई किलोमीटर दूर से स्कूल जाएगा ही।
विज्ञापन
वहीं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम प्रकाश साहू व प्रदेश महामंत्री आलोक सिंह यादव ने कहा है कि इस समय बुंदेलखंड सहित प्रदेश के सभी जिलों में भीषण गर्मी (हीट वेव) है। उन्होंने कहा कि इस गर्मी में शिक्षकों को स्कूल आने का आदेश पूरी तरह अमानवीय व अव्यवहारिक है।
विज्ञापन
अध्यापकों को राहत देने की चल रही थी मांग
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इनको भी राहत देने की मांग की थी। कौशाम्बी से सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज, एमएलसी आशुतोष सिन्हा, अरुण पाठक, डॉ. बाबूलाल तिवारी आदि ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए भी विद्यालय 30 जून तक बंद करने की मांग की है।
इन्होंने कहा है कि इस दौरान आवश्यक काम ऑनलाइन घर से कराए जा सकते हैं। वहीं उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र पूर्व की भांति 1 जुलाई से 20 मई तक किये जाने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी ने कहा है कि पूर्व में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र बदलकर 1 जुलाई के स्थान पर 1 अप्रैल से कर दिया गया था जो कि पूर्णतः अव्यवहारिक है। इससे शिक्षकों, अभिभावकों तथा बच्चों को व्यवहारिक व भौगोलिक स्थितियों के कारण काफी कठिनाइयां आती हैं। गर्मी के कारण अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने में आनाकानी करते हैं। इसका असर नामांकन में भी पड़ता है। ऐसे में पूर्व की भांति प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र 1 जुलाई से 20 मई तक किया जाए।
इन्होंने कहा है कि इस दौरान आवश्यक काम ऑनलाइन घर से कराए जा सकते हैं। वहीं उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र पूर्व की भांति 1 जुलाई से 20 मई तक किये जाने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी ने कहा है कि पूर्व में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र बदलकर 1 जुलाई के स्थान पर 1 अप्रैल से कर दिया गया था जो कि पूर्णतः अव्यवहारिक है। इससे शिक्षकों, अभिभावकों तथा बच्चों को व्यवहारिक व भौगोलिक स्थितियों के कारण काफी कठिनाइयां आती हैं। गर्मी के कारण अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने में आनाकानी करते हैं। इसका असर नामांकन में भी पड़ता है। ऐसे में पूर्व की भांति प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र 1 जुलाई से 20 मई तक किया जाए।