{"_id":"6850455ada8bcb2c48001858","slug":"up-preparations-to-make-kanpur-an-ev-hub-state-of-the-art-ev-park-to-be-built-on-500-acres-2025-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: कानपुर को ईवी हब बनाने की तैयारी, 500 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक ईवी पार्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: कानपुर को ईवी हब बनाने की तैयारी, 500 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक ईवी पार्क
Mon, 16 Jun 2025 09:54 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 16 Jun 2025 09:54 PM IST
सार
परियोजना से कम कार्बन उत्सर्जन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। करीब 700 करोड़ की लागत से 500 एकड़ में ईवी पार्क का निर्माण किया जाएगा।
विज्ञापन
कानपुर बनेगा ईवी का हब।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर महानगर विकास विजन 2030 के तहत कानपुर के भीमसेन के पास 500 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक ईवी पार्क बनाया जाएगा। परियोजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की अनुमानित लागत 700 करोड़ रुपये होगी। डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन पीपीपी मॉडल के तहत इस अत्याधुनिक पार्क को विकसित करेगा।
विज्ञापन
पार्क में इलेक्ट्रिक मोटर, चेसिस, स्टील पार्ट्स, और लिथियम-आयन सेल विनिर्माण इकाइयों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा पार्क में चार्जर, कंट्रोलर और इलेक्ट्रॉनिक सामानों के उत्पादन के सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। ईवी पार्क निर्माण का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की आपूर्ति शृंखला को स्थानीय स्तर पर मजबूत करना और स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देना है। परियोजना के जरिये अनुसंधान और विकास कार्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी: आज से खुले प्रदेश के प्राइमरी स्कूल, लगातार मांग के बाद बदला गया समय; अब इस समय होगी छुट्टी
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी डीजीपी बोले- नवचयनित सिपाहियों को दें महाकुंभ जैसा प्रशिक्षण, बेहतर अनुशासन व व्यवहार करना सिखाएं
ईवी पार्क में ईवी सहायक क्लस्टर भी विकसित किया जाएगा। इससे स्थानीय उद्यमियों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। डीएफसीसी कॉरिडोर के निकट होने से यह पार्क लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के मामले में भी लाभकारी होगा। इस परियोजना के जरिये कार्बन उत्सर्जन को कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।