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UP Politics: एमवाई के साथ दलित वोट बैंक पर सपा की निगाहें, डॉ. लोहिया और आंबेडकर के विचारों पर गांव-गांव होंगी सभाएं
Wed, 08 Jun 2022 07:10 AM IST
देव कश्यप
चंद्रभान यादव, लखनऊ।
चंद्रभान यादव, लखनऊ।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 08 Jun 2022 07:10 AM IST
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लोकसभा उपचुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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समाजवादी पार्टी ने लोकसभा उपचुनाव के लिए पुख्ता रणनीति बनाई है। मुस्लिम और यादव (एमवाई) के साथ दलित वोट बैंक को साधे रखने पर पार्टी का जोर है। दलित नेताओं को गांव-गांव डेरा डालने का निर्देश दिया गया है। ये नेता अपनी सभाओं में डॉ. राम मनोहर लोहिया और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर फोकस करेंगे। कभी बसपा के कद्दावर नेता रहे पूर्व सांसद बलिहारी बाबू के बेटे सुशील आनंद को विधान परिषद भेजने की कवायद भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
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आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव में सपा ने पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को उतारा है। यहां 18 लाख मतदाताओं में करीब साढ़े चार लाख से अधिक दलित हैं। इसमें विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति देखें तो मेंहनगर विधान सभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक दलित हैं। मुबारकपुर में करीब 80, सगड़ी में करीब 82, गोपालपुर में करीब 55 हजार से अधिक दलित मतदाता हैं। बसपा ने शाह आलम को उम्मीदवार बनाकर मुस्लिम-दलित गठजोड़ बनाने का प्रयास किया है।
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वहीं सपा के रणनीतिकारों ने इस गठजोड़ पर निगाह गढ़ा दिया है। वे बसपा की रणनीति को फेल करने में जुटे हैं। इसके लिए पार्टी के दलित नेताओं को मैदान में उतार दिया गया है। सपा की रणनीति है कि दलित नेता जिस जाति के होंगे, वे अपनी जाति के गांवों में जनसभाएं और रात्रि विश्राम करेंगे। इस दौरान डॉ. राम मनोहर लोहिया और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर चर्चा करेंगे। यह भी बताया जाएगा कि डॉ. लोहिया और डॉ. अंबेडकर के विचारों को सपा ही साथ लेकर चल रही है। प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय राजनीति के भविष्य से भी वाकिफ कराया जाएगा। इसके लिए इंद्रजीत सरोज, मिठाई लाल भारती, रमाशंकर विद्यार्थी को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। जबकि अन्य दलित नेता भी इनके साथ मौजूद रहेंगे।
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रामपुर में भी मुस्लिमों के साथ दलितों पर डोरे
रामपुर लोकसभा क्षेत्र में भी मुस्लिम मतदाताओं के साथ दलित व अन्य जातियों के छिटपुट वोट हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। रामपुर लोकसभा क्षेत्र में शामिल विधानसभा की रामपुर सदर सीट पर 63 फीसदी, स्वार सीट पर 55 फीसदी और चमरौआ सीट पर 53 फीसदी, विलासपुर सीट पर 30 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। कुल करीब 45.97 फीसदी हिंदुओं की आबादी में दलित व अति पिछड़ी जातियों की संख्या अधिक है। यहां करीब तीन फीसदी आबादी सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन की भी है। बसपा ने यहां से उम्मीद्वार नहीं उतारा है। ऐसे में सपा मुस्लिमों के साथ इन जातियों को अपने खेमे में जोड़े रखने की जद्दोजहद में जुटी है।
मुलायम करेंगे आजमगढ़ व रामपुर में प्रचार
आजमगढ़ व रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा के स्टार प्रचारकों में पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव का भी नाम है। वह चुनाव से ठीक पहले आजमगढ़ जा सकते हैं। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि मुलायम सिंह यादव के जाने से भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। इसके अलावा स्टार प्रचारकों में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रो रामगोपाल, आजम खां, नरेश उत्तम पटेल, अबू आसिम आजमी, दारा सिंह चौहान, इंद्रजीत सरोज, स्वामी प्रसाद मौर्य, अब्दुल्ला आजम, नफीस अहमद, डॉ. राजपाल कश्यप सहित 40 लोगों का नाम हैं। महिला स्टार प्रचारकों में विधायक पिंकी यादव, नाहिदा सुल्तान, महराजी प्रजापति, लीलावती कुशवाहा को शामिल किया गया है।
शिवपाल से बनाई दूरी
सपा विधायक होने के बाद भी शिवपाल सिंह यादव को लोकसभा उपचुनाव में नहीं उतारा गया है। ऐसे में चर्चा इस बात की है कि आजम खां से संबंधों की दुहाई देकर वह रामपुर जाते हैं या नहीं।