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यूपी पंचायत चुनाव: प्रधानों को प्रशासक बनाने के मामले में पंचायती राज को किया तलब, शुक्रवार को होगी सुनवाई
Thu, 09 Jul 2026 11:07 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:07 PM IST
सार
UP Panchayat Elections: यूपी में पंचायत चुनाव के मामले में हाईकोर्ट ने पंचायती राज विभाग को कोर्ट में तलब किया है। इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई होनी है।
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यूपी पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले में गंभीर संवैधानिक प्रश्न उठाए हैं। न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 12(3-ए) की वैधता पर विचार किए जाने की आवश्यकता है। न्यायालय ने पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव को अगली सुनवाई पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
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न्यायालय ने कहा कि वर्ष 2000 में प्रेम लाल पटेल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में हाईकोर्ट ने इसी प्रकार के प्रावधान को संविधान के अनुच्छेद 243-ई और 243-के के विपरीत मानते हुए असंवैधानिक ठहराया था। हालांकि, बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने उस मामले में कानून के प्रश्नों को खुला छोड़ते हुए अपील का निस्तारण कर दिया था।
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संजय कुमार शर्मा की ओर से दाखिल इस जनहित याचिका पर सुनवायी करते हुए पीठ ने कहा कि यह विचारणीय है कि ग्राम प्रधान को प्रशासक नियुक्त करने से क्या पंचायत का कार्यकाल अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ता है। तथा क्या इससे राज्य निर्वाचन आयोग के संवैधानिक अधिकार प्रभावित होते हैं। इन महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार के लिए अदालत ने मामले को 10 जुलाई को संबंधित अन्य जनहित याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
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