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प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में यूपी फिर अव्वल, आंध्र प्रदेश को मिला दूसरा स्थान
Tue, 03 Dec 2019 11:12 AM IST
शाहरुख खान
ब्यूूराे, अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूूराे, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 03 Dec 2019 11:12 AM IST
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प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई) के तीनों घटक में देश में सबसे अधिक मकान बनाने की डीपीआर व निर्माण कार्य पूरा करने के मामले में यूपी ने फिर से बाजी मारी है।
तीनों घटकों में अब तक जहां 1441628 मकान बनाने की डीपीआर केंद्र से स्वीकृत हो चुकी है, वहीं ‘लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास’ (बीएलसी) घटक में सर्वाधिक 12.58 लाख से अधिक मकान बनाने की डीपीआार स्वीकृत कराने के मामले में यूपी ने देश के पहले राज्य के स्थान पर कब्जा बरकरार रखा।
दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश (9,14 028) और तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश (5,54, 391) है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पीएमएवाई की प्रगति की समीक्षा के दौरान अक्तूबर तक स्वीकृत डीपीआर के आधार पर यूपी को पहला स्थान मिला है।
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पीएमएवाई-शहरी के नोडल एजेंसी के तौर पर काम रहे ‘राज्य नगरीय विकास अभिकरण’ (सूडा) के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि सरकार की मंशा के मुताबिक सूडा के स्तर पर की जा रही नियमित निगरानी की वजह से प्रदेश ने यह उपलब्धि हासिल की है।
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तीनों घटकों में अब तक जहां 1441628 मकान बनाने की डीपीआर केंद्र से स्वीकृत हो चुकी है, वहीं ‘लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास’ (बीएलसी) घटक में सर्वाधिक 12.58 लाख से अधिक मकान बनाने की डीपीआार स्वीकृत कराने के मामले में यूपी ने देश के पहले राज्य के स्थान पर कब्जा बरकरार रखा।
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दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश (9,14 028) और तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश (5,54, 391) है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पीएमएवाई की प्रगति की समीक्षा के दौरान अक्तूबर तक स्वीकृत डीपीआर के आधार पर यूपी को पहला स्थान मिला है।
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पीएमएवाई-शहरी के नोडल एजेंसी के तौर पर काम रहे ‘राज्य नगरीय विकास अभिकरण’ (सूडा) के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि सरकार की मंशा के मुताबिक सूडा के स्तर पर की जा रही नियमित निगरानी की वजह से प्रदेश ने यह उपलब्धि हासिल की है।
निदेशक ने बताया कि स्वीकृत डीपीआर में से 3.46 लाख मकानों के निर्माण का काम तो पूरा भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बीएलसी घटक में सर्वाधिक मकान बनाने के डीपीआर को मंजूरी लेकर यूपी तो लगातार तीसरे साल पहले नंबर पर आया है।