फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP officers are carefully dealing GOs.

यूपी के अफसर ही बने अखिलेश सरकार के 'दुश्मन'

Mon, 04 May 2015 02:07 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 04 May 2015 02:07 AM IST
विज्ञापन
UP officers are carefully dealing GOs.

सरकार आदेश पर आदेश करती जा रही है लेकिन विभाग शासनादेशों को छुपाने से बाज नहीं आ रहे। बार-बार की लिखा-पढ़ी के बावजूद कार्यवाही में मनमानी पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई है।

विज्ञापन


प्रमुख सचिवों व सचिवों को तय फोंट व प्रक्रिया के अनुसार शासनादेशों को ऑनलाइन जारी कराने की हिदायत दी है।

शासन में किसी मामले में निर्णय व शासनादेश (जीओ) जारी करने की जितनी लंबी व उलझाऊ प्रक्रिया है, उससे ज्यादा मुश्किल उसे पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराना।

जानकार बताते हैं कि विभागों में जो शासनादेश ढूंढने पर भी नहीं मिलते वे आदेश बापू भवन चौराहे पर चक्कर काटने वाले कई लोग बड़ी आसानी से उपलब्ध करवा देते थे। बशर्ते इसकी एवज में उनको मुंहमांगी कीमत मिलनी चाहिए। इनकी साठगांठ अंदर तक होती थी।
विज्ञापन


यह कारोबार लंबे अर्से तक खूब फला-फूला। शासनादेशों को छिपाने का खेल एक तरह के धंधे में बदल गया था।

अब भी चल रहा है शासनादेशों को दबाने का काम

UP officers are carefully dealing GOs.

सपा सरकार ने इस तंत्र को तोड़ने की पहल की। व्यवस्था बनाई कि सभी शासनादेश ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि ऑनलाइन जारी जीओ ही वैध माने जाएंगे। सरकार ने इसके लिए विभागों के कर्मियों को प्रशिक्षण दिलाया।

इस व्यवस्था को पुख्ता व त्रुटिरहित बनाने के लिए मुख्य सचिव स्तर से कई बार लिखा-पढ़ी की गई। नतीजा ये हुआ कि काफी विभाग शासनादेशों को ऑनलाइन जारी करने लगे, लेकिन तमाम महत्वपूर्ण शासनादेशों को दबाने का खेल अब भी चल रहा है।

नतीजा ये होता है कि सरकार के तमाम आदेश आम लोगों की पहुंच में ही नहीं आ पाते। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने विभागों के इस रवैये का खुलासा खुद किया है।

सचिवों को व्यक्तिगत रूप से देखने की हिदायत दी

UP officers are carefully dealing GOs.

मुख्य सचिव आलोक रंजन ने अपने पूर्व के जारी कई आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि इतने प्रयासों के बाद भी कई विभाग शासनादेश ऑनलाइन जारी नहीं कर रहे हैं।

यही नहीं, कई शासनादेश ऐसे सामने आते हैं जिनका फोंट गलत होता है और लोग उन्हें पढ़ ही नहीं पाते। मुख्य सचिव ने विभागों के इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है।

मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिवों व सचिवों को व्यक्तिगत रूप से यह देखने की हिदायत दी है कि उनके विभाग के सभी शासनादेश ऑनलाइन ही जारी हो रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed