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Electricity in UP: बिजली चोरी के लिए अब एसडीओ और जेई भी होंगे जिम्मेदार, वितरण बॉक्स की होगी निगरानी
Sat, 13 Jul 2024 07:44 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 13 Jul 2024 07:44 PM IST
सार
Electricity theft in UP: यूपी में बिजली चोरी रोकने के लिए शासन ने अब नई रणनीति अपनाई है। अब बिजली चोरी के लिए अब एसडीओ और जेई भी जिम्मेदार माने जाएंगे।
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने बिजली चोरी रोकने की नई रणनीति बनाई है। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्र के वितरण बाक्स की निगरानी की जाएगी। जिस इलाके में वितरण बाक्स से लगातार बिजली चोरी के मामले सामने आएंगे, वहां के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) और जूनियर इंजीनियर (जेई) व अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेश में हर साल करीब पांच हजार करोड़ की बिजली चोरी होती है। इसे रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ ही विजिलेंस की टीम भी है। फिर भी मामले कम नहीं हो रहे हैं। पिछले दिनों कराए गए सर्वे में यह बात भी सामने आई कि बिजली चोरी के मामले में किसी न किसी रूप में विभागीय मिलीभगत भी है।
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पिछले दिनों ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने खुद विभागीय अधिकारियों की बैठक में यह बात कही और कार्य प्रणाली सुधारने का निर्देश दिया। इस निर्देश के बाद विभाग ने राजस्व रणनीति तैयार की। इसके तहत अब चोरी वाले इलाके में वितरण बाक्स की निगरानी की जाएगी। यदि बाक्स खुले हुए हैं तो उस बाक्स से केवल वैध कनेक्शन जोड़ कर सिंचल चाबी वाले ताले लगाए जाएंगे।
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इसी तरह पतली गलियों के सभी एलटी पोल के वितरक परिवर्तक लाइन को भी चेक किया जाएगा। अवैध केबिल हटाए जाएंगे। इसके बाद भी बिजली चोरी की स्थिति लगातार बनी हुई है अथवा कुछ दिन चोरी रुकने के बाद फिर से पुरानी स्थिति हो जाती है तो संबंधित क्षेत्र के खंड अधिकारी और जूनियर इंजीनियर को जिम्मेदार बनाया जाएगा। उनकी भूमिका की भी जांच होगी।