लखनऊ: हाईकोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को जारी किया नोटिस, ऑनलाइन लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया पर उठाए सवाल
मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 11 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया है। ऑनलाइन लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 11 की वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर भारत के अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने पक्षों को छह सप्ताह के भीतर अपनी-अपनी दलीलें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले को छह सप्ताह बाद सूचीबद्ध किया जाएगा।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने संतोष मिश्रा की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया। इसमें नियम 11 के साथ आधार प्रमाणीकरण फॉर गुड गवर्नेंस (सोशल वेलफेयर, इनोवेशन, नॉलेज) रूल्स, 2020 के नियम 3 व 5 के तहत जारी छह जुलाई 2026 और 31 मार्च 2021 की अधिसूचनाओं, परिणामी अधिसूचनाओं व आदेशों को चुनौती दी गई है।
आधार कार्ड आयु का प्रमाण नहीं
याचिकाकर्ता का तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था में लर्नर लाइसेंस के लिए आधार नंबर जमा करने पर आधार में दर्ज विवरण लाइसेंस जारी करने वाले प्राधिकरण को स्वतः मिल जाते हैं। यह मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 4 और धारा 8(6) के विपरीत है। आधार कार्ड आयु का प्रमाण नहीं है।
धारा 4 के तहत अधिकांश वाहनों के लिए डीएल प्राप्त करने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और कुछ वाहनों के लिए 16 वर्ष है। याचिका में कहा गया कि मौजूदा व्यवस्था 16 या 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को लाइसेंस जारी करने की गुंजाइश छोड़ती है। साथ ही, धारा 8(3) के तहत अपेक्षित शारीरिक फिटनेस की जांच भी सुनिश्चित नहीं होती।
आधार नंबर से लर्नर लाइसेंस जारी हुआ
वरिष्ठ अधिवक्ता ने दस्तावेज दिखाकर बताया कि मृत व्यक्ति के आधार नंबर से लर्नर लाइसेंस जारी हुआ। अदालत ने इसे व्यवस्था के दुरुपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे की आशंका का आधार माना। कुछ मामलों में आधार विवरण के साथ अश्लील तस्वीरें भी ऑनलाइन जमा कर लाइसेंस जारी होने का दावा किया गया।
हालांकि, केंद्र व राज्य सरकार के वकीलों ने कहा कि केवल आधार नंबर से लाइसेंस जारी नहीं होता। शारीरिक फिटनेस प्रमाणपत्र व ऑनलाइन ट्यूटोरियल क्लास का प्रमाणपत्र भी जरूरी है। अदालत ने कहा कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बावजूद मृत व्यक्ति के नाम से लाइसेंस जारी होने की आशंका का संतोषजनक जवाब नहीं मिला। लिहाजा मामले पर विचार आवश्यक है और अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया गया।