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UP Nikay Chunav 2023: सपा में बलिया के बाद संभल में बगावत के सुर, अधिकृत उम्मीदवारों को पीछे करने से आक्रोश
Sun, 30 Apr 2023 09:07 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 30 Apr 2023 09:07 AM IST
सार
UP Nikay Chunav 2023: निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी में बलिया के बाद अब संभल में बगावत के सुर उठने लगे हैं। अधिकृत उम्मीदवारों को पीछे करने से आक्रोश बढ़ गया है। कहीं शीर्ष नेतृत्व ने निर्दलियों पर दांव लगाया है, तो कहीं विधायकों ने दांव लगाया है।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
समाजवादी पार्टी में नगर निकाय चुनाव को लेकर बलिया के बाद अब संभल में बगावत हो गई है। यहां सपा सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क और उनके पौत्र कुंदरकी से विधायक जियाउर रहमान बर्क ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार से पल्ला झाड़ लिया है। ये दोनों निर्दल उम्मीदवार को चुनाव लड़ा रहे हैं।
बलिया के सिकंदरपुर विधायक भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं। दूसरी तरफ कई जगह पार्टी नेतृत्व ने अधिकृत उम्मीदवार के बजाय निर्दलियों को समर्थन दिया है। अधिकृत उम्मीदवारों को पीछे करने से पार्टी के आम कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।
बलिया के सिकंदरपुर में सपा ने दिनेश चौधरी को टिकट दिया है। इससे सपा विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी ने भीष्म यादव को निर्दल मैदान में उतार दिया। वह पूरे दमखम के साथ भीष्म को चुनाव जिताने में लगे हैं। इसी तरह संभल नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद पर सपा ने विधायक इकबाल महमूद की पत्नी रुखसाना इकबाल को मैदान में उतारा।
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पूर्व विधायक इकबाल और सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के बीच लंबे समय से अंदरूनी विवाद रहा है। ऐसे में सांसद बर्क ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ निर्दल उम्मीदवार के तौर पर फरहाना यासीन को उतार दिया है।
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बलिया के सिकंदरपुर विधायक भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं। दूसरी तरफ कई जगह पार्टी नेतृत्व ने अधिकृत उम्मीदवार के बजाय निर्दलियों को समर्थन दिया है। अधिकृत उम्मीदवारों को पीछे करने से पार्टी के आम कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।
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बलिया के सिकंदरपुर में सपा ने दिनेश चौधरी को टिकट दिया है। इससे सपा विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी ने भीष्म यादव को निर्दल मैदान में उतार दिया। वह पूरे दमखम के साथ भीष्म को चुनाव जिताने में लगे हैं। इसी तरह संभल नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद पर सपा ने विधायक इकबाल महमूद की पत्नी रुखसाना इकबाल को मैदान में उतारा।
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पूर्व विधायक इकबाल और सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के बीच लंबे समय से अंदरूनी विवाद रहा है। ऐसे में सांसद बर्क ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ निर्दल उम्मीदवार के तौर पर फरहाना यासीन को उतार दिया है।
उन्होंने साफ कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने टिकट देते वक्त उनकी राय नहीं ली। ऐसे में वह अपने उम्मीदवार को चुनाव लड़ा रहे हैं। डा. बर्क के साथ उनके पौत्र और कुंदरकी के विधायक जियाउर रहमान भी निर्दल उम्मीदवार के प्रचार में जुटे हैं।
लगातार बदले गए उम्मीदवार
पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के नाम बदलने का खेल भी खूब शुरू हुआ। इससे कई जगह पार्टी के अंदरखाने में विरोध के स्वर हैं। पार्टी ने झांसी महापौर पद के लिए पहले डॉ. रघुवीर चौधरी को उम्मीदवार बनाया। बाद में वहां से पूर्व विधायक सतीष जतारिया को प्रत्याशी घोषित कर दिया। गाजियाबाद से पहले नीलम गर्ग को और बाद में पूनम यादव को उम्मीदवार बना दिया।
पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के नाम बदलने का खेल भी खूब शुरू हुआ। इससे कई जगह पार्टी के अंदरखाने में विरोध के स्वर हैं। पार्टी ने झांसी महापौर पद के लिए पहले डॉ. रघुवीर चौधरी को उम्मीदवार बनाया। बाद में वहां से पूर्व विधायक सतीष जतारिया को प्रत्याशी घोषित कर दिया। गाजियाबाद से पहले नीलम गर्ग को और बाद में पूनम यादव को उम्मीदवार बना दिया।
इसी तरह नगर पालिका अध्यक्षों के भी टिकट बदले गए हैं। पिलखुवा में पहले मो. बिलाल को और बाद में प्रवीण प्रताप को टिकट दे दिया गया। खलीलाबाद में पूर्व चेयरमैन जगत जायसवाल ने सपा से पर्चा भरा और अगले दिन पवन छापड़िया को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।
मेंहदवाल से कृतिका पांडेय ने पर्चा भरा और उनकी जगह अब लक्ष्मी निषाद को उम्मीदवार घोषित कर दिया। हैंसर नगर पंचायत से मनीषा पासवान के पर्चा भरने के बाद सुभावती ने पर्चा दाखिल कर दिया।