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UP News : तहसील और ब्लॉक से मिलेगा मौसम का पूर्वानुमान और बरसात की जानकारी, बिजली गिरने की मिलेगी पूर्व सूचना

Wed, 17 May 2023 07:50 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 17 May 2023 07:50 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप मौसम और बरसात के आकलन की जानकारी के लिए वर्तमान सिस्टम नाकाफी साबित हो रहा था। पूर्वानुमान सही समय पर और सटीक नहीं मिलने से चेतावनी जारी करने या राहत कार्य शुरू करने में परेशानी होती है।

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UP News: Weather forecast and rain information will be available from Tehsil and Block
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में अब मौसम के पूर्वानुमान के साथ बरसात के आकलन की सटीक जानकारी मिलेगी। प्रत्येक तहसील और ब्लॉक में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) और आटोमेटिक रेन गेज (एआरजी) स्थापित किए जाएंगे। बुधवार को मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित राहत विभाग की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में इसका निर्णय लिया गया।

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उत्तर प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप मौसम और बरसात के आकलन की जानकारी के लिए वर्तमान सिस्टम नाकाफी साबित हो रहा था। पूर्वानुमान सही समय पर और सटीक नहीं मिलने से चेतावनी जारी करने या राहत कार्य शुरू करने में परेशानी होती है। राहत विभाग ने अब प्रत्येक तहसील और ब्लॉक स्तर पर ए.डब्ल्यू.एस और एआरजी स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 141.6 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।
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प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सबसे ज्यादा प्रयागराज, ललितपुर, मिर्जापुर में होती है। बिजली गिरने की पूर्व सूचना के लिए तीनों जिलों के एक -एक विकासखंड में वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम के तहत लाइटिंग अर्ली वानिंग सिस्टम लगाने जाएंगे। वहीं ग्राम पंचायत पर वज्रपात जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। 11.61 करोड़ रुपये का बजट दिया है। इस वर्ष राज्य आपदा मोचक निधि में 2273.60 करोड़ रुपये, राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि में 568.40 करोड़ रुपये और एनडीआरएफ एक हजार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है।
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ड्रोन से बुझाएंगे आग
छोटी - छोटी तंग गलियों या ऊंची इमारतों में आग लगने पर अग्निशमन विभाग को आग पर नियंत्रण स्थापित करने में मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए हर जिले में एक एक फायर फाइटिंग ड्रोन खरीदा जाएगा। सभी जिलों के एक एक फायर क्विक वाहन खरीदा जाएगा। तीन आरटी केलटिंग वाटर टॉवर, 135 इमरजेंसी फायर इंजन मोटर बाईक और 18 रेस्क्यू टूल किट सेट खरीदे जाएंगे। अग्नि जनित आपदा से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग को अत्याधुनिक उपकरण खरीदने के लिए 96 करोड़ रुपये बजट दिया है।

युवाओं को बनाएंगे आपदा प्रहरी
विभिन्न विभागों की ओर से राज्य आपदा मिटीगेशन फंड से फंड आवंटित करने की मांग की जाती है। विभागों को बजट आवंटित करने के लिए अपर मुख्य सचिव राजस्व की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। युवाओं को आपदा प्रहरी के रूप में प्रशिक्षित करने के लिए 9.46 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

वन जीवों के हमलों से बचाने के लिए फैंसिंग लगेगी
दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग और कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग एवं पीलीभीत टाइगर रिजर्व के तहत हिंसक जीवों के हमले से बचाने के लिए चैनलिंग फैंसिंग कराई जाएगी। इसके लिए 40.25 करोड़ रुपये दिए गए हैं। लोगों को अयोध्या स्थित सरयु नदी में डूबने से बचाने के लिए ड्राविंग रिस्क रिडक्शन प्लान बनाया जाएगा। इसके लिए 6.16 करोड़ रुपये बजट दिया है।
1070 को 112 से जोड़ा जाएगा

राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित हेल्पलाइन नंबर 1070 को पुलिस हेल्प लाइन नंबर 112 से जोड़ा जाएगा। इसके लिए यूपी पुलिस को 24.19 लाख रुपये दिए जाएंगे।

डिजिटल साइनेज सिस्टम लगाए जाएंगे
सभी जिला मुख्यालय और मंडल आयुक्त कार्यालय पर मौसम संबंधी सूचना के प्रचार के लिए डिजिटल साइनेज सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके लिए 8.88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इन डिजिटल साइनेज बोर्ड का नियंत्रण राहत आयुक्त कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में होगा। यहां से डाटा लेकर तहसील स्तर तक भेजा जाएगा। साइनेज के जरिए अलर्ट और एडवाइजरी भी जारी की जाएगी।

ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा हो सके
बाढ़ में फंसे स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले में 50 विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को बाढ़ बचाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसके बाद मॉक ड्रिल कराई जाएगी। विद्यालय आपदा प्रबंधन योजना भी बनाई जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग को 7.50 करोड़ रुपये का बजट दिया जाएगा।


ग्राम पंचायत कर्मियों को भी बनाएंगे दक्ष
56 जिलों की 2800 ग्राम पंचायतों में पंचायतों के स्थानीय कर्मचारियों और ग्रामीणों को भी बाढ़ और आपदा बचाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर तीस लोगों को प्रशिक्षण किया जाएगा इसमें ग्राम प्रधान, लेखपाल, पंचायत सचिव, नाविक, गोताखोर शामिल किए जाएंगे। इसके लिए 8.43 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

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