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UP News : नालों के पानी को बनाया जाएगा सिंचाई योग्य, हर नाले की मॉनीटरिंग करेगी पांच सदस्यीय कमेटी

Wed, 07 Sep 2022 07:09 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 07 Sep 2022 07:09 PM IST
सार

राज्य सरकार इस योजना को जल्द जमीन पर उतारने की तैयारी कर रही है। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के मुताबिक इससे नदियों को भी प्रदूषित होने से बचाया जा सकेगा।

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UP News: Water of drains will be made irrigable, 5 member committee will monitor every drain
स्वतंत्र देव सिंह। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सरकार नालों के पानी को सिंचाई योग्य बनाने की योजना बना रही है।  इसके लिए नमामि गंगे के इंजीनियरों को खाका तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा है कि नदियों में गिरने वाले नालों के पानी को शोधित (ट्रीट) कर सिंचाई के उपयोग में लाया जा सके, इसका पूरा प्लान तैयार किया जाए।

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राज्य सरकार इस योजना को जल्द जमीन पर उतारने की तैयारी कर रही है। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के मुताबिक इससे नदियों को भी प्रदूषित होने से बचाया जा सकेगा। नालों के पानी को नदियों में गिरने से पहले संयंत्रों के माध्यम से ट्रीट कर जल स्वच्छ कर पानी को सिंचाई में इस्तेमाल किया जायेगा। चूंकि नालों पर काम करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है तो इसके लिए अब विस्त़ृत कार्ययोजना पर काम करने की पूरी तैयारी है।
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848 नालों की हो सकेगी मॉनीटरिंग
योजना के तहत नदियों में गिरने वाले नालों को रोक कर उनके दूषित पानी को ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए शोधित किया जाएगा। इससे के केवल सिंचन क्षेत्र का विस्तार होगा बल्कि कम लागत में सिंचाई की व्यवस्था भी होगी। प्रयोग के तौर पर इस योजना का खाका तैयार किया जा रहा है। इससे नालों के आसपास की कृषि भूमि को जल मिलेगा तो साथ ही सिंचाई में प्रयुक्त होने से जल का भी संरक्षण हो सकेगा। प्रदेश में बहने वाले 848 नालों की मॉनीटरिंग की जाएगी। हर नाले की निगरानी के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनेगी। नालों के आसपास रहने और समाज से जुड़े लोगों को कमेटी का सदस्य बनाया जाएगा। सरकार की सोच है कि आसपास के लोगों की नजर रहेगी तो इसकी मॉनीटरिंग भी ठीक से होगी।
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सभी एसटीपी संचालन की होगी जांच
नमामि गंगे योजना के तहत प्रदेश के सभी एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) संचालन की जांच की जाएगी।  जल संरक्षण और जल संवर्धन की दिशा में नए प्रयोग किए जाएंगे। सीसीटीवी (क्लोज सर्किट टीवी) से गंगा की निगरानी की योजना को जमीन पर उतारने और हर एसटीपी की कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी की योजना भी इस माह से तैयार होगी।


गंगा समेत प्रदेश की छोटी-बड़ी सभी नदियों को अविरल और निर्मल करने के लिए सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। नालों के पानी को नदियों में गिरने से रोक कर उसका उपयोग सिंचाई में करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। नदियों को स्वच्छ बनाने के साथ ही किसानों के लिए भी ये उपयोगी होगी। गंगा से जुड़े सभी एसटीपी के संचालन की भी ऑनलाइन निगरानी भी की जाएगी। - स्वतंत्र देव सिंह जलशक्ति मंत्री

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