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UP News : जंगल से सटे गांवों को पूरी रात मिलेगी बिजली, जानिए वन विभाग ने क्यों लिया ये फैसला
Wed, 13 Dec 2023 09:27 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 13 Dec 2023 09:27 PM IST
सार
मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के मद्देनजर वन विभाग ने यह फैसला किया है। इसके लिए बिजली विभाग से समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी वन विभाग ही उठाएगा। वर्ष 2023 में मानव-वन्यजीव संघर्ष में अब तक 69 इंसान मारे जा चुके हैं।
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बिजली
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
जंगल से सटे गांवों को पूरी रात बिजली देने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के मद्देनजर वन विभाग ने यह फैसला किया है। इसके लिए बिजली विभाग से समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी वन विभाग ही उठाएगा। उत्तर प्रदेश के जंगलों में जहां चार साल में तेंदुओं की तादाद में दोगुने से भी ज्यादा वृद्धि हुई है, वहीं वर्ष 2023 में मानव-वन्यजीव संघर्ष में अब तक 69 इंसान मारे जा चुके हैं।
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वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना की अध्यक्षता में बुधवार को इस संबंध में जरूरी बैठक की गई, जिसमें वन विभाग के सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने रिपोर्ट रखी कि प्रदेश में वर्ष 2018 में बाघों की संख्या 173 थी, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 205 हो गई। वन क्षेत्रों में वर्ष 2019 में 415 तेंदुए थे, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 860 हो गई। वर्ष 2017-2019 के बीच हाथी भी 232 से बढ़कर 352 हो गए हैं। इतना ही नहीं तराई क्षेत्र के वन क्षेत्रों से लगे गन्ने के खेतों में भी तेंदुओं की संख्या में वृद्धि हुई है।
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इस वृद्धि के कारण मानव-वन्यजीव संगर्ष की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है। ये घटनाएं लखीमपुर खीरी, बहराइच, बिजनौर, पीलीभीत और रामपुर में अधिक हुई हैं। वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने इन जिलों में खुले में शौच करने की प्रथा को समाप्त किए जाने के लिए स्थानीय प्रशासन का सहयोग लेने के निर्देश दिए। वन क्षेत्र के नजदीकी गांवों में सूर्यास्त के बाद निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए बिजली विभाग से समन्वय स्थापित कर जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।
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111 किमी लंबाई में लगाए जा रहे चेन लिंक तार
मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व, उत्तर खीरी वन प्रभाग, कतर्निया घाट वन्यजीव प्रभाग और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 111 किमी में चेन लिंक सोलर तार लगाने का काम प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए 40.25 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से फेंसिंग का काम कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।