{"_id":"64be8b0d52efeabd4709b368","slug":"up-news-six-thousand-roadways-buses-will-be-hi-tech-in-four-months-2023-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News : चार महीने में रोडवेज की छह हजार बसें हो जाएंगी हाईटेक, एक क्लिक पर मिलेगी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News : चार महीने में रोडवेज की छह हजार बसें हो जाएंगी हाईटेक, एक क्लिक पर मिलेगी जानकारी
Tue, 25 Jul 2023 05:49 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 25 Jul 2023 05:49 AM IST
सार
पैनिक बटन से यात्रियों को आपातकालीन मदद मुहैया कराई जा सकेगी। इस परियोजना के तहत परिवहन निगम के सौ मुख्य बस स्टेशनों पर बड़े साइज के एलईडी डिस्प्ले पैनल व अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके तहत जापान की कंपनी ने काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
यूपी रोडवेज की बसें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चार महीने में रोडवेज की छह हजार बसें हाईटेक हो जाएंगी। एक ओर उनमें पैनिक बटन लग जाएंगे, दूसरी ओर ट्रेन की तर्ज पर एप के जरिए बसों की लोकेशन पैसेंजरों को मिलेगी। बसों की आवाजाही एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इसके लिए जापान की कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। मुख्यालय पर कमांड सेंटर बनाया जाएगा, जहां से बसों की ट्रैकिंग होगी।
विज्ञापन
परिवहन निगम की बसों में लाइव ट्रैकिंग डिवाइस व पैनिक बटन लगाने के लिए हाल ही में जापान की कंपनी एनईसी को चिन्हित किया गया है। वित्तीय बिड में चार कंपनियों ने आवेदन किया था, इसमें जापान के अतिरिक्त एक कंपनी सिंगापुर व दो भारत की थीं। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इस बाबत जानकारी दी कि निर्भया योजना के अंतर्गत परिवहन निगम की बसों में पैनिक बटन व वीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाई जाएंगी। इससे बसों की लाइव ट्रैकिंग हो सकेगी तथा हादसों पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी।
विज्ञापन
वहीं पैनिक बटन से यात्रियों को आपातकालीन मदद मुहैया कराई जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत परिवहन निगम के सौ मुख्य बस स्टेशनों पर बड़े साइज के एलईडी डिस्प्ले पैनल व अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके तहत जापान की कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक, आईटी यजुवेंद्र सिंह ने बताया कि रोडवेज के बेड़े में दस हजार के आसपास ऐसी बसें हैं, जिनमें पैनिक बटन व व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाई जानी है। इसमें चार हजार बसें ऐसी हैं, जो अगले छह से आठ महीने में स्क्रैप हो जाएंगी। लिहाजा जापान की कंपनी उन छह हजार बसों में पैनिक बटन व डिवाइस लगाएगी, जिनकी अभी लाइफ है। उनकी मेंटीनेंस का कामकाज भी देखेगी।
विज्ञापन
बनेगा अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
रोडवेज बसों में व्हीकल लोकेशन डिवाइस लग जाने के बाद उन्हें ट्रैक करने के लिए 20 क्षेत्रों में रीजनल मॉनीटरिंग सेन्टर व मुख्यालय पर एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी बनाया जाएगा। इस सेंटर से हर बस पर नजर रखी जा सकेगी तथा एक एप भी विकसित किया जाएगा।
एनटीईएस की तर्ज पर बनेगा एप
रेलवे का नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम एनटीईएस एप की तर्ज पर जापान की कंपनी बस यात्रियों के लिए एप बनाएगी। इस एप को मोबाइल में डाउनलोड कर पैसेंजर बसों की लोकेशन आसानी से ट्रैक कर सकेंगे तथा बस अड्डों पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले लगाए जाएंगे, जो हर आने-जाने वाली बसों की जानकारी को फ्लैश करेंगे।
हर बस में लगेंगे दस पैनिक बटन
जापान की कंपनी के पदाधिकारियों ने रोडवेज बसों की जानकारी जुटा ली है। रोडवेज की जिन बसों में पैनिक बटन लगाए जाने हैं, उसमें प्रत्येक बस में दस-दस बटन लगाए जाएंगे। पांच बायीं तरफ तथा पांच दाहिनी ओर लगाए जाएंगे। इससे पैसेंजरों को इमरजेंसी में मदद मांगने में आसानी हो सकेगी। पैनिक बटन दबाए जाते ही तत्काल कमांड कंट्रोल को जानकारी मिलेगी तथा नजदीकी पुलिस स्टेशन को भी सूचित कर दिया जाएगा।